सावधान ! नए वायरस ने दी दस्तक, क्या है लासा फीवर और इसके लक्षण

Chhattisgarh Crimes

एक तरफ भारत समेत विश्व के कई देशों में कोविड 19 के घटते मामलों से जनता को राहत मिल रही है वहीं ब्रिटेन में एक नए वायरस से दस्तक देकर लोगों को फिर डरा दिया है। जी हां, इस वायरस का नाम है लासा फीवर और इसके शिकार बने तीन लोगों को ब्रिटेन के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां एक की मौत हो चुकी है। इसका सबसे पहला मामला नाइजीरिया के एक शहर में देखा गया था।

इस वायरस की बात करें तो लासा फीवर वायरल बीमारी है जो चूहों के जरिए फैलती है। ये जानलेवा बीमारी पश्चिमी अफ्रीका में आमतौर पर फैलती रहती है।

रोग नियंत्रण और प्रदूषण केंद्र (सीडीसी) के मुताबिक लासा फीवर इंसानों से इंसानों में नहीं फैलता बल्कि ये संक्रमित चूहों के लार और मल मूत्र के जरिए फैलता है। अगर कोई इंसान संक्रमित चूहे के मल मूत्र या लार के संपर्क में आए( भोजन के जरिए) तो उसे वायरस हो सकता है। संक्रमित इंसान के मल मूत्र या खून के संपर्क में आए व्यक्ति को ये संक्रमण हो सकता है।

यूरोपियन सेंटर फॉर डिज़ीज़ प्रिवेंशन एंड कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक लासा फीवर के लगभग 80 प्रतिशत मामले एसिम्पटोमैटिक यानी सांकेतिक हैं और इसलिए इसकी पहचान नहीं हो पाती। हालांकि कुछ मरीजों को गंभीर मल्टी-सिस्टम रोग विकसित करने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है।

लासा फीवर के लक्षण

लासा फीवर के लक्षण सामान्यतया 1 से तीन सप्ताह के भीतर दिखने लगते हैं

लासा फीवर के हल्के लक्षण –

हल्का बुखार
थकान
कमजोरी महसूस करना
सिरदर्द
शरीर में अकड़न और दर्द
सुनने में तकलीफ होना

लासा फीवर के गंभीर लक्षण –

तेज बुखार,
पीठ और पेट में दर्द होना
सांस लेने में तकलीफ होना
उल्टी होना
चेहरे पर सूजन आ जाना
मुंह से खून निकलना
सुनाई ना देना
मल्टी ऑरगन फेलियर
बचाव कैसे करें –

लासा फीवर से बचने का एकमात्र उपाय है कि आप अपने आस पास चूहों को दूर रखें। घर में चूहे नहीं होने चाहिए और वो स्थान जहां चूहों के होने की संभावना हो सकती है, वहां का भोजन वगैरा ना करें और ना ही वहां जाएं।