राहुल गांधी ने कहा- अडाणी 2014 में अमीरों की लिस्ट में 609 नंबर पर थे, जादू हुआ और 2 नंबर पर आ गए

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नई दिल्ली। अडाणी मुद्दे पर राहुल गांधी ने मंगलवार को सरकार को जमकर घेरा। राहुल ने कहा- भारत जोड़ो यात्रा में सब जगह एक नाम सुनने को मिला… अडाणी। दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में 2014 में वे 609 नंबर पर थे, सबसे पीछे। जादू हुआ तो दूसरे नंबर पर पहुंच गए।

राहुल ने कहा- हिमाचल में सेब की बात होती है तो अडाणी, कश्मीर में सेब तो अडाणी, पोर्ट और एयरपोर्ट सब जगह अडाणीजी, सड़क पर चल रहे हैं, तो अडाणीजी। राहुल ने कहा- लोगों ने पूछा कि अडाणीजी को सफलता कैसे मिली? सबसे जरूरी सवाल कि इनका हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री के साथ क्या रिश्ता है और कैसा रिश्ता है?

अडाणीजी को 6 एयरपोर्ट दिए गए

राहुल ने आगे कहा- कुछ साल पहले सरकार ने एयरपोर्ट्स डेवलप करने को दिए। नियम था कोई भी जिसे एक्सपीरियंस ना हो, वो इसमें शामिल नहीं हो सकता। सरकार ने नियम बदला और अडाणीजी को 6 एयरपोर्ट दिए गए।

दुनिया का सबसे ज्यादा प्रॉफिटेबल मुंबई एयरपोर्ट GVK ने हाईजैक कर लिया। CBI और ED का इस्तेमाल करके हिंदुस्तान के उस एयरपोर्ट को अडाणीजी के हवाले कर दिया। रिजल्ट आया कि आज अडाणीजी हिंदुस्तान की 24% एयरपोर्ट ले गया। हिंदुस्तान की सरकार और प्रधानमंत्री ने ये सुविधा दी। आपने देखा कि एयरपोर्ट बिजनेस में 30% मार्केट शेयर अडाणीजी का है।

डिफेंस में अडाणीजी का जीरो एक्सपीरियंस, फिर भी उन्हें कॉन्ट्रैक्ट मिले

हम फॉरेन पॉलिसी की बात करते हैं। डिफेंस से शुरू करते हैं। डिफेंस में अडाणीजी का जीरो एक्सपीरियंस था। प्रधानमंत्री इजराइल जाते हैं और फिर अडाणीजी को कॉन्ट्रैक्ट मिल जाता है। इनके पास डिफेंस की 4 कंपनियां हैं। अडाणी को जादू से मेंटेनेंस का कॉन्ट्रैक्ट, इजराइली ड्रोन और छोटे हथियारों का कॉन्ट्रैक्ट मिल जाता है। उसमें पेगासस भी है। हिंदुस्तान-इजराइल का डिफेंस बिजनेस 90% अडाणीजी ले गए।

ऑस्ट्रेलिया चलते हैं। प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया जाते हैं और जादू से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वन बिलियन डॉलर लोन अडाणीजी को दे देता है। उसके बाद बांग्लादेश में गए वहां पर इलेक्ट्रिसिटी बेचने का डिसीजन लिया जाता है। कुछ दिन बाद बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड 25 साल का कॉन्ट्रैक्ट अडाणीजी के साथ साइन करता है।

श्रीलंका चलते हैं। जून 2022 में इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के चेयरमैन ने संसद में बताया कि राष्ट्रपति राजपक्षा ने उनसे कहा था कि मोदीजी ने उन पर दबाव डाला था कि अडाणी को विंड पावर प्रोजेक्ट दे दिया जाए।