साउथ कोरिया में हैलोवीन फेस्टिवल के दौरान हादसा, 140 की मौत; 150 से ज्यादा घायल

Chhattisgarh Crimes

सियोल। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में हैलोवीन फेस्टिवल के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ है। हादसे में कम से कम 140 लोगों की मौत और 150 से अधिक के घायल होने की खबर है। यह हादसा उस वक्त हुआ जब सियोल में हैलोवीन के दौरान काफी ज्यादा भीड़ हो गई थी। यह भीड़ एक संकरी गली से निकलने की कोशिश कर रही थी। तभी धक्का-मुक्की होने लगी और भगदड़ मच गई। हादसे के बाद दक्षिण कोरिया के प्रेसीडेंट ने बयान जारी कर लोगों के बेहतर इलाज के लिए निर्देश दिए हैं।

अचानक बढ़ गई भीड़

दक्षिण कोरिया की नेशनल फायर एजेंसी के अधिकारी चोई चियॉन-सिक ने बताया कि इटावोन लेजर जिले में शनिवार रात भीड़ अचानक बढ़ गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान करीब 150 लोगों के घायल होने की आशंका है। इन लोगों को रविवार सुबह कार्डियक अरेस्ट की परेशानी हुई थी। चोई ने बताया कि अनुमान लगाया जा रहा है कि हैमिल्टन होटल के करीब संकरी गली में भीड़ काफी ज्यादा बढ़ गई थी। इसके बाद आगे निकलने के लिए धक्का-मुक्की करने लगे थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक वहां पर किसी सेलेब्रिटी के आने का अनाउंसमेंट हुआ था। लोग इस अनजान सेलेब्रिटी को देखने के लिए ही उस तरफ भागने लगे थे।

मौके पर भेजे गए इमरजेंसी वर्कर्स
अधिकारियों के मुताबिक देशभर से 400 से ज्यादा इमरजेंसी वर्कर्स को मौके पर भेजा गया है। इन सभी लोगों को घायलों के इलाज के लिए तैनात कर दिया गया है। हालांकि अधिकारियों ने तात्कालिक तौर पर मौत का आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दिखाई दे रहा है कि तमाम लोग गलियों में गिरे हुए हैं और उन्हें सीपीआर दिया जा रहा है। पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि की है। साथ ही तमाम अन्य लोगों को नजदीक के अस्पतालों में भर्ती करा दिया गया है।

प्रेसीडेंट ने जारी किए निर्देश
एक स्थानीय पुलिस अफसर ने पहचान न जाहिर किए जाने की शर्त पर बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि इतेवोन की गलियों में भगदड़ मच गई। यह लोग यहां पर हैलोवीन फेस्टिवल मनाने के लिए जुटे हुए थे। अफसर के मुताबिक घटना के असली कारणों को जानने के लिए अभी जांच जारी है। वहीं प्रेसीडेंट यून सुक यिऑल ने बयान जारी कर अधिकारियों के बेहतर इलाज और फेस्टिवल के स्पॉट की सुरक्षा के लिए कहा है। इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय को डिजास्टर मेडिकल असिस्टेंस टीमों को वहां तैनात करने के लिए कहा है।