बिजली कनेक्शन की चपेट में आने से हाथी की मौत

Chhattisgarh Crimes

जशपुर। चावल की खुशबू से पेट की भूख मिटाने के लिए पहुंचे नर हाथी की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा, तपकरा वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत अमडीहा की है। यहां के पूर्व सरपंच गुलाब साय ने बताया कि रात को गांव के आसपास के जंगल मे दो हाथियों की मौजूदगी का अहसास ग्रामवासियों को था। लेकिन इन हाथियों ने फिलहाल गांव में कोई नुकसान नहीं पहुंचाया था। मंगलवार की तड़के 4 बजे ग्रामीण नित्यकर्म के लिए उठे तो ये देख कर हैरान रह गए कि गोदाम के बाहर एक हाथी मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। हाथी के शव के पास ही बिजली का एक टूटा हुआ वायर भी पड़ा हुआ मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गांव में टूटे हुए सर्विस वायर का प्रयोग विद्युत विभाग के मुख्य सप्लाई लाइंस पीडीएस गोदाम तक बिजली पहुचाने के लिए किया गया था।

दूरी अधिक होने की वजह से बीच मे एक लकड़ी के खंभे का इस्तेमाल भी किया गया था। अनुमान लगाया जा रहा कि मृत हाथी इस लकड़ी के खंभे को तोड़ा होगा, जिससे सर्विस वायर टूट कर हाथी के ऊपर गिर जाने करंट की चपेट में आया। घटना की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

जशपुर जिले में हाथी के मौत की चौथी घटना

बीते डेढ़ साल के भीतर जिले में हाथी की मौत की यह चौथी घटना है। इससे पहले बादलखोल अभ्यारण्य क्षेत्र से लगे हुए कुनकुरी वन परिक्षेत्र में एक गर्भवती हथीनी की मौत हुई थी। इसके कुछ ही दिनों के बाद तपकरा वन परिक्षेत्र के ग्राम झिलिबेरना में घर के कंटीले तार में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से एक हाथी की मौत हुई थी। वहीं, दुलदुला परिक्षेत्र में आपसी द्वंद में एक नर हाथी मारा गया था।