व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के बीच अभी भी बाकी है कुछ लोगों में मानवता

Chhattisgarh Crimes

किशन सिन्हा/ छत्तीसगढ़ क्राइम्स

छुरा (गरियाबंद)
भारत के मध्य भाग छत्तीसगढ़ की गिनती उन सौभाग्यशाली प्रदेशों में होता है जो अपने आप में सर्वगुण सम्पन्न हैं, ऐसे ही विशेष एक यहां की जलवायु विविधता भी है। प्रांत में पर्याप्त मात्रा में शीत, वर्षा और ग्रिस्म ऋतु का असर देखने को मिलता है। मौसम के बदलते रुख से एक ओर सुविधा तो दुसरी ओर असुविधा का सामना जनसामान्य को करना होता है, जिसमें गर्मी का मौसम सभी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। तप्त वातावरण में लू के थपेड़े घर से बाहर निकलें हर उस व्यक्ति के लिए चुनौती पेश करता हैं जो अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्पित हो।

आमतौर पर समरसीजन तीन से चार महीने का होता है । लेकिन व्यापार जगत के लिए यह अपने संग निवेश के विशेष अवसर लिए आता है , जिसमें व्यापारीगण शीतल जल और शीतल खाद्य पदार्थ छोटे-बड़े हॉट बाजारों रास्तों के किनारों पर बेचते नजर आते हैं । राह चलता कोई भी मुसाफिर इस भीषण गर्मी में साफ-साफ शीतल जल की आशा रखें तो किसी भी दुकानदार से उसे पैसे दे कर अपनी प्यास बुझाना पड़ता हैं, मानवता और व्यापार के बीच का फर्क चुनौती पूर्ण होता हैं।

गरियाबंद जिला मुख्यालय के हृदय स्थल बस स्टैंड समीप हमें एक महाशय ऐसे भी मिले जो गुजराती स्विट्स की दुकान चलाते हैं उनका कहना है कि “व्यापार केवल पैसे का ही नही किया जाता बल्कि आत्मसंतुष्टि व जनकल्याण की भावना का भी किया जा सकता है और इसी उद्देश्य से हमने अपने दुकान के बाहर स्वच्छ व शीतल जल की व्यवस्था अपने ग्राहक व आमलोगों के लिए किया हुआ हैं। बाजार में पैसे में बिकते पैकेट और बोतलों के पानी के बीच इस प्रकार का प्रयास निश्चित तौर पर सराहनीय और प्रशंसनीय हैं।

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