अभयारण्य क्षेत्रों के रहवासियों का मूलभूत मांग, समस्याओं के निराकरण के लिए मुखियाओं ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

Chhattisgarh Crimes

मैनपुर। उदंती सीतानदी राजापड़ाव, मजदूर, किसान संघर्ष समिति के मुखियाओं द्वारा आज मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मैनपुर को ज्ञापन सौंपते हुए निराकरण का मांग किया गया है। ज्ञापन में लिखी गई मांगों को विस्तार पूर्वक प्रेस विज्ञप्ति में समिति के संचालक दलसू राम मरकाम,पूर्व जिला पंचायत सदस्य कांति मरकाम ने बताया कि उदंती सीतानदी क्षेत्रों में तेंदूपत्ता संग्रहण करने का अधिकार दिया जावे। तेंदूपत्ता प्रति सैकड़ा 500 बूटा कटाई की दर 400 बढ़ाई जावे।

अभ्यारण क्षेत्र के गांवों में भी तेंदूपत्ता फड़ खोलने एवं कार्ड अनिवार्य रूप से बनाई जावे। मुंशी,चेकर,प्रबंधक, बोरा भर्ती सहित तेंदूपत्ता के कार्यों में शामिल सभी लोग स्थानीय हो। फड़ मुंशियो का मानदेय प्रति मानक बोरा 150 एवं वनोपज क्रय विक्रय का अधिकार दिया जावे। तेंदूपत्ता संग्रहण,भुगतान बोनस,दुर्घटना का सही मुआवजा पंचायतों के माध्यम से नगदी दिया जावे। तेंदूपत्ता संग्रहण करते समय जानवरों एवं अन्य कारणों से मृत्यु होने पर मुआवजा राशि 6,50000 घायल होने पर 4,50000 मामूली घायल होने पर 60,000 दिए जावे। वनों के संरक्षण संवर्धन की दिशा में वन प्रबंधन समिति को पूर्ण जिम्मेदारी दिया जावे। वन उपज का सही मूल्य बढ़ाई जावे। शासन प्रशासन से समिति के मुखियाओ ने 21/2 /2021 तक अपनी मूल मांग के निराकरण नहीं होने पर 22/ 2/2021को जिला कलेक्टर गरियाबंद कार्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन करने की बात कही गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से समिति के संचालक दलसू राम मरकाम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य कांति मरकाम, क्षेत्र के सरपंच सुनील मरकाम, कृष्ण कुमार नेताम, अजय नेताम, कैलाश नेताम, कृष्णा बाई मरकाम, रमूला बाई मरकाम, सखाराम मरकाम मुख्य रूप से शामिल रहे।