गंगरेल रिसॉर्ट में चार सत्रों में भाजपा का चिंतन, आदिवासियों के मुद्दे पर दो दिन बाद करेंगे चक्काजाम

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। भाजपा के गंगरेल चिंतन बैठक में राज्य सरकार के खिलाफ एक के बाद एक बड़े आंदोलन करने और लोगों के बीच जाने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल शराबबंदी, महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर बिलासपुर में महिला मोर्चा के हल्ला बोल को अब 11 नवंबर को करने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले 8 अक्टूबर को कोंडागांव, राजनांदगांव और अंबिकापुर में एसटी मोर्चा द्वारा आदिवासियों के आरक्षण और स्थानीय लोगों की भर्ती के मुद्दे पर चक्काजाम करेंगे।

गंगरेल रिसॉर्ट में भाजपा की बैठक चार सत्रों में हुई। इसमें पहले सत्र में राजनीतिक परिदृश्य पर विश्लेषण किया गया। दूसरे सत्र में सामाजिक और धार्मिक परिदृश्य पर व तीसरे सत्र में संगठन के विषयों पर विश्लेषण किया गया। अंतिम सत्र में कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक में कोर ग्रुप के सदस्य व अन्य प्रतिनिधियों समेत 28 पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। पूरी बैठक के दौरान धमतरी जिले के कार्यकर्ता व्यवस्था में संलग्न रहे। यहां तक कि धमतरी की विधायक भी बैठक में शामिल नहीं हुई। वह भोजन के समय वहां पर शामिल हुई थी।

आदिवासियों के मुद्दे पर चक्काजाम

हाईकोर्ट ने 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण को असंवैधानिक बताते हुए 2011 में लिए गए फैसले को रद्द कर दिया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस सरकार सही ढंग से पक्ष नहीं रख पाई, इसलिए ऐसी स्थिति बनी। इसे लेकर 8 अक्टूबर को चक्काजाम करने का निर्णय लिया गया है। कोंडागांव में नारायणपुर पर वाहनों का रास्ता रोका जाएगा। इसमें प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, लता उसेंडी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी के अलावा एसटी मोर्चा के अध्यक्ष विकास मरकाम शामिल होंगे। इसी तरह राजनांदगांव में चिचोला बॉर्डर पर चक्काजाम में मोहन मंडावी, पिंकी शाह, आरके रॉय, संजीव शाह रहेंगे। अंबिकापुर में रिंग रोड पर चक्काजाम में रामविचार नेताम, रामसेवक पैकरा, कमलभान सिंह, सिद्धनाथ पैकरा हिस्सा लेंगे।