कांग्रेस की भिलाई बचाओ पदयात्रा शुरू हो चुकी

Chhattisgarh Crimesकांग्रेस की भिलाई बचाओ पदयात्रा शुरू हो चुकी है। एक तरफ जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) टाउनशिप और जनसुविधाओं को बचाने के मुद्दे पर 4 दिवसीय पदयात्रा निकाल रही है। वहीं, दूसरी ओर भाजपा ने इस पूरे आंदोलन को कांग्रेस का राजनीतिक ड्रामा बताते हुए कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

भाजपा का कहना है कि, जब शहर में कांग्रेस के विधायक और महापौर हैं, तब कांग्रेस आखिर भिलाई को किससे बचाने निकली है? भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने कहा कि अगर कांग्रेस को अपने ही विधायक देवेंद्र यादव और महापौर नीरज पाल से भिलाई को बचाना है तो हम भी उनके साथ खड़े हैं। लेकिन जनता जानती है कि पिछले पांच साल में किसके हाथ में शहर की जिम्मेदारी थी और शहर की हालत किसने बिगाड़ी।

रविवार से शुरू हुई इस पदयात्रा का सोमवार को दूसरा दिन है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर के नेतृत्व में निकली यह यात्रा करीब 70 किलोमीटर का सफर तय करेगी। पदयात्रा सेक्टर-9 स्थित हनुमान मंदिर से शुरू हुई है और भिलाई, चरोदा तथा कुम्हारी होते हुए 4 अगस्त को रायपुर पहुंचेगी।

यात्रा का समापन राजभवन में राज्यपाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर किया जाएगा। पहले दिन इस पदयात्रा में पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव, महापौर नीरज पाल समेत कांग्रेस के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

हजारों परिवारों के हितों की रक्षा के लिए निकाली पदयात्रा- मुकेश

कांग्रेस भिलाई जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर का कहना है कि भिलाई इस्पात संयंत्र, टाउनशिप और यहां रहने वाले हजारों परिवारों के हितों की रक्षा के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, स्कूलों और दूसरी जनसुविधाओं का धीरे-धीरे निजीकरण किया जा रहा है।

टाउनशिप की हालत खराब होती जा रही है और कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भिलाई की पहचान सिर्फ स्टील प्लांट से नहीं है, बल्कि यहां की सुव्यवस्थित टाउनशिप और बेहतर सुविधाओं से भी है।

उन्होंने मांग की कि अस्पतालों और स्कूलों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। साथ ही रिटेंशन और लाइसेंस वाले मकानों को खाली कराने की कार्रवाई बंद हो, BSP कर्मचारियों का वेज रिवीजन जल्द लागू किया जाए, 39 महीने से लंबित एरियर का भुगतान किया जाए।

टाउनशिप के मकानों का रखरखाव सुधारा जाए, साफ पेयजल की व्यवस्था हो और ठेका श्रमिकों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अगर इन मांगों पर गंभीरता से फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।

बीजेपी बोली- आपके ही लोग शहर सरकार में, इनसे भिलाई बचाने में हम भी आपके साथ

इस पर भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने कहा कि कांग्रेस का “भिलाई बचाओ आंदोलन” लोगों को गुमराह करने की कोशिश है। मैं कांग्रेस के नेताओं से पूछना चाहता हूं कि भिलाई के विधायक कौन हैं? कांग्रेस के देवेंद्र यादव। नगर निगम के महापौर कौन हैं? कांग्रेस के नीरज पाल।

जब शहर की जिम्मेदारी आपके ही नेताओं के पास है तो फिर भिलाई को किससे बचाने निकले हैं? आपके विधायक और महापौर से अगर भिलाई को बचाने निकले हैं तो भाजपा भी आपके साथ है।