
आरोपियों की पहचान शशि प्रभा साहू और अमित कुमार देवांगन के रूप में हुई है। दोनों को न्यायिक रिमांड पर कोर्ट में पेश किया गया।
मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पीड़ित मनीष साहू (27), निवासी ग्राम भानपूरी, थाना गुरूर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के मुताबिक, फरवरी 2024 में रुद्री रोड स्थित एक होटल में मनीष की मुलाकात शशि प्रभा साहू और अमित कुमार देवांगन से हुई। दोनों ने खुद को मंत्रालय में काम करने वाला बताया और उसे छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का पारिजात भवन आवास दिलाने का भरोसा दिया।
महानदी भवन के बाहर ले जाकर जताया भरोसा
आरोपियों ने मनीष को विश्वास में लेने के लिए उसे मंत्रालय यानी महानदी भवन के बाहर ले जाकर खड़ा किया। इसके बाद पारिजात भवन की कुल कीमत 14 लाख 12 हजार रुपए बताई गई। आरोप है कि इसके बाद मनीष से अलग-अलग बैंक खातों, PhonePe, Google Pay और नकद के जरिए किश्तों में कुल 9 लाख 8 हजार रुपए ले लिए गए।
2 खाली चेक भी लिए
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने मनीष से बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टेट बैंक के दो खाली चेक भी लिए थे। जब काफी समय बाद भी न नौकरी मिली और न आवास, तब मनीष को ठगी का शक हुआ। रकम वापस मांगने पर आरोपियों की ओर से सिर्फ 2 लाख 98 हजार रुपए लौटाए गए। बाकी रकम वापस नहीं की गई।
पुलिस पूछताछ में अपराध स्वीकार करने की बात
पीड़ित की शिकायत पर सिटी कोतवाली धमतरी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों ने अपराध स्वीकार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में शशि प्रभा साहू (50), पति प्रीतम साहू, जंगल पारा, गांधी नगर, नगरी, वर्तमान पता कमल विहार कॉलोनी और अमित कुमार देवांगन (38), पिता स्वर्गीय सुखराम देवांगन, पारागांव, वार्ड नंबर 12, परमेश्वरी मंदिर के पीछे, भाठापारा, रायपुर शामिल हैं।
दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।