छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के खाद्यान्न में करीब 12.89 लाख रुपए की गड़बड़ी के मामले में फरार चल रहे उचित मूल्य दुकान के विक्रेता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के खाद्यान्न में करीब 12.89 लाख रुपए की गड़बड़ी के मामले में फरार चल रहे उचित मूल्य दुकान के विक्रेता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। खाद्य विभाग की जांच में दुकान से बड़ी मात्रा में चावल, शक्कर और नमक कम मिला था।

मामला रैरूमाखुर्द चौकी क्षेत्र का है। धरमजयगढ़ तहसील के ससकोबा स्थित उचित मूल्य दुकान की 3 सितंबर को खाद्य विभाग ने जांच की थी। इसमें 499.65 क्विंटल चावल, 5.37 क्विंटल शक्कर और 8.03 क्विंटल नमक कम पाया गया। इसकी कुल कीमत करीब 12 लाख 89 हजार 375 रुपए बताई गई है।

जांच में यह भी सामने आया कि अगस्त महीने में हितग्राहियों से ई-पॉस मशीन पर फिंगर लगवाने के बाद भी उन्हें राशन का वितरण नहीं किया गया था। इसके बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों ने सरोज स्व सहायता समूह की अध्यक्ष उमाबाई राठिया, सचिव माधुरी बाई राठिया और विक्रेता बिहारी राठिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 3 और 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।

समिति की अध्यक्ष और सचिव पहले ही जेल भेजी जा चुकी हैं

12 सितंबर को पुलिस ने समिति की अध्यक्ष उमाबाई राठिया और सचिव माधुरी बाई राठिया को गिरफ्तार किया था। दोनों को रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। वहीं, केस दर्ज होने के बाद से दुकान का विक्रेता बिहारी राठिया (32), निवासी ससकोबा जूनापारा, फरार था।

पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी धरमजयगढ़ से बस में बैठकर अपने गांव की ओर जा रहा है।

गांव लौटते ही पुलिस ने पकड़ा

सूचना के आधार पर पुलिस ने गांधी प्रतिमा चौक, रैरूमाखुर्द के पास घेराबंदी कर बिहारी राठिया को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने फरवरी से अगस्त 2026 तक उचित मूल्य दुकान में चावल, शक्कर और नमक के वितरण में गड़बड़ी करना स्वीकार किया।

पुलिस ने उसके कब्जे से 4 रजिस्टर जब्त किए हैं। पुलिस ने आरोपी बिहारी राठिया को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

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