
शुक्लाभाँठा,कोकडी, गौरगाँव,लाटापारा,झोलाराव, गरहाडीह,चिपरी,नगबेल,
कोचेंगा,बरगाँव,मोतीपानी,
भूतबेडा,गरीबा,कोदोमाली,
मौहानाला,भाँठापानी,
कोसुममुडा,जरहीडीह,पेन्ड्रा, खरथाबेडा,जांगड़ा,जुंगाड़, डूमरपडाव,बम्हनीझोला,
अमाड़,करलाझर,नागेश, साहेबिनकछार सहित पूरा क्षेत्र का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सभी नदी नाले उफान पर हैं।मुख्य मार्गों पर 3 से 4 फीट पानी बह रहा है।
किसानों की कमर टूटी खेतों में लगी मक्का और धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। धान के खेत तालाब बन गए हैं।बिजली गुल,स्कूल बंद, हाट-बाजार ठप हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में हर साल यही हाल होता है, पुल-पुलिया नहीं होने से गांँव टापू बन जाते हैं।