
कांग्रेस ने SIR के तहत प्रभावित चुनावों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।
10 महीने में 14 बार आपत्ति का मुद्दा भी उठाया
प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों का मुद्दा भी उठाया। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर लिखित आपत्ति दर्ज की।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पार्टी का कहना है कि SIR के तहत प्रभावित चुनावों और मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र और निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना जरूरी है। पार्टी ने यह भी कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस की ओर से आगे भी विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम बताया गया है। पार्टी ने 25 सितंबर को राज्य स्तर और 28 सितंबर को जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन की बात कही है।
बारिश के बीच राजीव गांधी चौक से निकला मार्च
एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल के दिशा-निर्देश और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के मार्गदर्शन में प्रदर्शन आयोजित किया गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे के नेतृत्व में कार्यकर्ता राजीव गांधी चौक पर जुटे।
इसके बाद कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए शास्त्री चौक स्थित मुख्य चुनाव आयुक्त कार्यालय की ओर बढ़े। बारिश शुरू होने के बावजूद मार्च जारी रहा। कार्यकर्ता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मतदाता सूची में बदलाव के खिलाफ नारे लगाते हुए कार्यालय पहुंचे।
शास्त्री चौक पहुंचने के बाद कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगें रखीं।