
विशेष लोक अभियोजक अर्चना मिश्रा के मुताबिक, 11 दिसंबर 2021 की शाम नाबालिग अपनी सहेली के साथ गांव में शादी घर जा रही थी। इसी दौरान आरोपी अकिल साय कोरवा (20) निवासी सरहापानी, सीतापुर, जिला सरगुजा ने उसे रास्ते से जबरन खींच लिया और जंगल ले गया। वहां उसके साथ रेप किया।
सहेली ने परिजनों को दी सूचना
घटना के बाद नाबालिग की सहेली उसके घर पहुंची और उसके पिता को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन नाबालिग की तलाश में जंगल पहुंचे, लेकिन वह वहां नहीं मिली। कुछ देर बाद नाबालिग खुद घर पहुंची और पिता को घटना की जानकारी दी। उसकी तबीयत खराब थी, जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए।
आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
नाबालिग के पिता की रिपोर्ट पर धरमजयगढ़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 376 भारतीय दंड संहिता और धारा 4, 6 पॉक्सो एक्ट के तहत न्यायालय में चालान पेश किया गया।
कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
विशेष न्यायालय के न्यायाधीश शहाबुद्दीन कुरैशी ने मामले की सुनवाई के दौरान सभी साक्षियों के बयान दर्ज किए। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी अकिल साय कोरवा को सभी धाराओं में दोषी ठहराया। उसे आजीवन कारावास यानी शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक कारावास की सजा सुनाई गई।
7 लाख रुपए मुआवजे की अनुशंसा
कोर्ट ने आरोपी पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही पीड़िता को विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से 7 लाख रुपए दिलाए जाने की अनुशंसा की है।