
मूलतः जशपुर जिले के रहने वाले अनिमेष का बचपन कांकेर में बीता। पिता अमृत कुजूर और माता रीना कुजूर 11 वर्षों तक कांकेर पुलिस में पदस्थ रहे। पांचवीं तक सेंट माइकल स्कूल कांकेर में पढ़े अनिमेष बाद में सैनिक स्कूल अंबिकापुर चले गए। छुट्टियों में जब भी कांकेर आते, नरहरदेव मैदान में फुटबॉल खेलते। वर्ष 2020 में 12वीं पढ़ाई पूरी होते ही जब देश भर में लॉकडाउन लगा, तो अनिमेष कांकेर लौट आए। खेल गतिविधियां बंद थीं, कोई पेशेवर कोच उपलब्ध नहीं था।
कठिन दौर में पुलिस विभाग में पदस्थ पिता अमृत कुजूर खुद कोच बने। पिता के दिशा-निर्देश में अनिमेष ने नरहरदेव मैदान में घंटों पसीना बहाया। उसी दौरान खेल युवा कल्याण विभाग की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में अनिमेष ने 5 स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल झटके। यहीं से प्रोफेशनल एथलेटिक्स कॅरियर की शुरुआत हुई।