छत्तीसगढ़ में फांसी की सजा पर अमल के लिए जल्लाद बनाने की मांग उठी

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ में फांसी की सजा पर अमल के लिए जल्लाद बनाने की मांग उठी है। संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान ने सूरजपुर पुलिस परिवार हत्याकांड के दोषियों को फांसी देने के लिए खुद निःशुल्क जल्लाद बनने की इच्छा जताई है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखकर अपनी मांग रखी है।

उज्जवल दीवान ने अपने पत्र में कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी और फूल सिंह उर्फ रिंकू विश्वकर्मा को फांसी की सजा देने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा है कि यदि दोषियों को सुनाई गई मृत्युदंड की सजा पर कानूनी प्रक्रिया के तहत अमल किया जाना है, तो वे बिना किसी पारिश्रमिक के जल्लाद की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने इस पेशकश के जरिए पुलिस परिवार के प्रति अपनी संवेदना और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग रखी है।

दीवान ने कहा कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की सुरक्षा तथा सम्मान से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वर्दीधारी कर्मचारियों के परिवारों के साथ होने वाली गंभीर आपराधिक घटनाओं में पीड़ितों को न्याय मिलना जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से इस मामले में आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

कानून के तहत ही हो फांसी की सजा पर अमल

उज्जवल दीवान ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि मृत्युदंड जैसी सजा पर अमल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और सक्षम अधिकारियों के माध्यम से ही किया जाता है। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य पुलिस परिवार के साथ खड़े होकर पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करना और न्याय की मांग सरकार तक पहुंचाना है। उनके इस पत्र के बाद छत्तीसगढ़ में फांसी की सजा पर अमल के लिए जल्लाद की व्यवस्था करने की मांग सामने आई है।