दुर्ग सत्र न्यायालय ने सड़क हादसे में युवक की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में बाइक चला रहे मोहित कुमार बघेल के साथ उसके पिता मोहन लाल बघेल को भी दोषी ठहराया

Chhattisgarh Crimesदुर्ग सत्र न्यायालय ने सड़क हादसे में युवक की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में बाइक चला रहे मोहित कुमार बघेल के साथ उसके पिता मोहन लाल बघेल को भी दोषी ठहराया है। पिता ने बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बेटे को बाइक चलाने दी थी।

कोर्ट ने मोहन लाल को मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 के तहत 3 महीने की साधारण जेल और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, बेटे मोहित को भारतीय न्याय संहिता और मोटरयान अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत सजा दी गई है।

4 अगस्त 2025 को हुआ था हादसा

हादसा 4 अगस्त 2025 की रात करीब 8:30 बजे हुआ था। सुपेला थाना क्षेत्र के स्मृतिनगर चौकी के तहत एक स्कूल के पास मोहित कुमार बघेल ने तेज रफ्तार और लापरवाही से बाइक (CG 07 CW-2768) चलाते हुए एक्टिवा (CG 19 A-2771) को टक्कर मार दी थी।

हादसे में एक्टिवा चला रहे शादान अली की मौत हो गई थी, जबकि पीछे बैठे उत्तम पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

पिता ने बिना लाइसेंस के बेटे को दी थी बाइक

हादसे के बाद स्मृतिनगर चौकी में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि बाइक चला रहे मोहित कुमार बघेल के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसके बावजूद उसके पिता मोहन लाल बघेल ने उसे बाइक चलाने के लिए दी थी। पुलिस ने हादसे के लिए बेटे के साथ पिता की जिम्मेदारी भी तय की। जांच पूरी होने के बाद दोनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई।

31 अक्टूबर को कोर्ट ने सुनाया फैसला, पिता-पुत्र दोनों को सजा

दुर्ग सत्र न्यायालय ने 31 अक्टूबर 2026 को मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने मोहित कुमार बघेल को 5 साल की जेल और 1 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी। वहीं, उसके पिता मोहन लाल बघेल को 3 महीने की जेल और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों आरोपी वार्ड क्रमांक 21, भाटापारा कुरुद, चौकी जामुल क्षेत्र के रहने वाले हैं।

जानिए किस धारा में कितनी मिली सजा

1. मोहित कुमार बघेल (19 वर्ष), बाइक चालक

– BNS की धारा 105(2) के तहत 5 साल की सश्रम जेल और 1 हजार रुपए जुर्माना।

– BNS की धारा 110(2) के तहत 3 साल की सश्रम जेल और 1 हजार रुपए जुर्माना।

– मोटरयान अधिनियम की धारा 184 के तहत 10 महीने की साधारण जेल और 3 हजार रुपए जुर्माना।

– मोटरयान अधिनियम की धारा 3/181 के तहत 3 महीने की साधारण जेल और 5 हजार रुपए जुर्माना।

2. मोहन लाल बघेल (54 वर्ष), पिता और बाइक मालिक

– मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 के तहत 3 महीने की साधारण जेल और 5 हजार रुपए जुर्माना।

– जुर्माना नहीं भरने पर 7 दिन की अतिरिक्त साधारण जेल भुगतनी होगी।

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