
सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों की सुरक्षा के मामले में आयोग ने अब तक जरूरी कदम नहीं उठाए हैं। नोटिस में आयोग से केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों को सख्त एडवायजरी जारी करने की मांग की गई है।
सोसायटी ने कहा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में डॉक्टरों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को पहल करनी चाहिए।
आयोग को केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
सनी देओल की फिल्म के प्रमोशनल कंटेंट पर भी आपत्ति
नोटिस में अभिनेता सनी देओल की आगामी फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ के प्रमोशनल कंटेंट और दृश्यों पर भी सवाल उठाए गए हैं। सोसायटी का आरोप है कि फिल्म में पूरे मेडिकल सेक्टर को भ्रष्ट और अनैतिक दिखाने की कोशिश की गई है।
इसमें डॉक्टरों के खिलाफ गाली-गलौज, अभद्र भाषा और उन्हें गोली मारने जैसे दृश्य दिखाए गए हैं।सोसायटी का कहना है कि इस तरह के कंटेंट से आम लोगों के बीच डॉक्टरों को लेकर गलत सोच बन सकती है। इससे डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा और हमले की घटनाओं को बढ़ावा मिलने का खतरा है।
संगठन ने इसे डॉक्टरों की सुरक्षा और मेडिकल पेशे के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
NMC से की दो बड़ी मांगें
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने NMC से मांग की है कि डॉक्टरों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार रोकने के लिए केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों को सख्त एडवायजरी जारी की जाए।
इसके अलावा फिल्म के जिन दृश्यों और प्रमोशनल कंटेंट पर आपत्ति जताई गई है, उन पर रोक लगाने के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) और संबंधित न्यायिक मंचों पर कार्रवाई की जाए।
नोटिस में NMC चेयरमैन और सचिव से यह भी कहा गया है कि यदि वे अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे हैं तो अपने पद से इस्तीफा दे दें।
कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाएगी सोसायटी
डॉ. कुलदीप सोलंकी ने नोटिस में कहा है कि यदि आयोग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए तो छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करेगी।
इसके साथ ही अन्य कानूनी विकल्पों के जरिए भी कार्रवाई की जाएगी। सोसायटी ने दोनों अधिकारियों से नोटिस पर अपना जवाब और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।