
उनका कहना है कि शहर के बड़ी-बड़ी दुकान और मिठाइयों की फैक्ट्रियों को छोड़कर अफसर गांव में जाकर खानापूर्ति कर रहे हैं, जिससे व्यापारियों को परेशान होना पड़ रहा है।
इधर, विभाग ने सभी सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की तैयारी की है। रिपोर्ट में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन ने बताया कि, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने करगी रोड स्थित अनुराधा स्वीट्स से खोवा (मावा) का नमूना लिया। वहीं गुड़िया स्वीट्स से बेसन लड्डू और कुंदा का सैंपल संग्रहित किया गया। इसके अलावा सीपत स्थित किशोर स्वीट्स से कुंदा का नमूना लिया गया।
टीम ने प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों का भी निरीक्षण किया। टीम में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीरसागर पटेल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी और प्रतीक तिवारी शामिल रहे।
व्यापारियों ने जांच पर उठाए सवाल
गुड़िया स्वीट्स अनुराधा स्वीट्स के संचालकों के साथ ही स्थानीय व्यापारियों ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की इस कार्रवाई पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि शहर में बड़ी-बड़ी दुकान हैं और उनकी मिठाई बनाने की फैक्ट्री है। वहां साफ सफाई और खाद्य पदार्थों की जांच की जानी चाहिए, जहां मिलावटखोरी की ज्यादा आशंका है। छोटे कारोबारियों की त्योहारी सीजन में कमाई होती है। लेकिन, इस तरह की कार्रवाई से ग्राहकी बिगड़ती है।
गांव में मिलावट की आशंका इसलिए की जांच
दूसरी तरफ अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन का कहना है कि, ग्रामीण इलाकों में खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका ज्यादा है, जिसके कारण एहतियातन दुकानों की जांच की गई। विभाग के निर्देश पर सभी जगहों पर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य व्यापारियों को परेशान करना नहीं है।