
पुलिस के मुताबिक, आरोपी मवेशियों को बिना वैध दस्तावेज के ले जा रहा था। उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, मवेशी तस्करी रोकने के लिए पुलिस ऑपरेशन शंखनाद चला रही है। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बांधापारा के रास्ते एक व्यक्ति मवेशियों को भूखे-प्यासे और क्रूरतापूर्वक ओडिशा की ओर ले जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर मनकितन यादव (19) निवासी ग्राम सिहारधार को पकड़ लिया।
पुलिस ने मवेशियों को ले जाने के संबंध में पूछताछ की और दस्तावेज मांगे। शुरुआत में आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में उसने कोई वैध दस्तावेज नहीं होने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक, थाने में पूछताछ के दौरान उसने मवेशियों को अवैध तरीके से ओडिशा के बूचड़खाने ले जाने की जानकारी दी।
पुलिस ने उसके कब्जे से 6 मवेशियों को जब्त किया है। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10, 11 और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं तस्कर
पुलिस के अनुसार, तस्कर रायगढ़ और आसपास के जिलों से मवेशियों को ओडिशा और झारखंड की ओर ले जाते हैं। इसके लिए लैलूंगा, छाल और धरमजयगढ़ के रास्तों का इस्तेमाल किया जाता है।
इससे पहले भी लैलूंगा थाना क्षेत्र में पिकअप में मवेशियों को ठूंसकर झारखंड और ओडिशा ले जाने का मामला सामने आया था। उस कार्रवाई में पुलिस ने मवेशियों और पिकअप समेत करीब 11 लाख 4 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की थी।