कोंडागांव दीपावली के त्योहार को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट पर निगरानी के लिए खाद्य विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने केशकाल क्षेत्र के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
इस दौरान मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री के कुल 6 नमूने जांच के लिए संकलित किए गए। वहीं, खराब और मानव उपभोग के अयोग्य पाई गई 15 किलो खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया।
खाद्य विभाग की कार्रवाई के बीच आम लोगों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान हर साल इसी तरह जांच अभियान चलाए जाते हैं।
एक-दो दिन कार्रवाई कर कुछ खाद्य सामग्री जब्त या नष्ट करा दी जाती है, लेकिन त्योहार बीतते ही विभाग की सक्रियता पहले जैसी नहीं रहती। इसके बावजूद बाजार में मिलावटी और घटिया गुणवत्ता वाली मिठाइयों की बिक्री की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
लोगों का सवाल है कि हर साल त्योहारों के समय ही जांच अभियान क्यों तेज किया जाता है? खाद्य पदार्थों के कारोबार में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ नियमित निगरानी क्यों नहीं होती?
उनका कहना है कि केवल खराब खाद्य सामग्री नष्ट कराने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
नमूनों की जांच रिपोर्ट और कार्रवाई का इंतजार
लोग खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के बाद उनकी जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई की जानकारी भी सार्वजनिक किए जाने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि विभाग को त्योहारों तक सीमित रहने के बजाय सालभर नियमित निरीक्षण करना चाहिए। खासकर मिठाई दुकानों, डेयरी उत्पादों और खाद्य सामग्री तैयार करने वाले प्रतिष्ठानों पर लगातार नजर रखना जरूरी है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जिले में इस तरह की जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रखने की बात कही है। अब देखना होगा कि यह अभियान त्योहारों तक सीमित रहता है या मिलावट के खिलाफ सालभर नियमित और प्रभावी कार्रवाई में बदलता है।