विश्व रक्तदाता दिवस पर रविवार को रायपुर में रक्तदान को लेकर कई आयोजन हुए। लोकभवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेशभर के 130 स्वैच्छिक रक्तदाताओं को सम्मानित किया। वहीं, मेकाहारा के मॉडल ब्लड सेंटर में आयोजित रक्तदान शिविर में 46 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ राज्य शाखा की ओर से लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडप में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने कई जिलों से आए 130 रक्तदाताओं को सम्मानित किया।
राज्यपाल ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है। रक्तदाता किसी अनजान व्यक्ति का जीवन बचाकर समाज में संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है और हर स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
रेडक्रॉस के चेयरमैन तोमन साहू ने कहा कि, संस्था का प्रयास है कि प्रदेश में किसी भी जरूरतमंद को रक्त के अभाव का सामना न करना पड़े। उन्होंने रक्तदाताओं को समाज का वास्तविक नायक बताया।
मेकाहारा में प्रमा फाउंडेशन का रक्तदान शिविर
विश्व रक्तदाता दिवस पर समाजसेवी संस्था प्रमा फाउंडेशन ने भी मेकाहारा स्थित मॉडल ब्लड सेंटर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। संस्था के अनुसार शिविर में कुल 46 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
प्रमा फाउंडेशन के सचिव राजकुमार मिश्रा ने बताया कि, संस्था पिछले 13 वर्षों से लगातार रक्तदान शिविर आयोजित कर रही है। इस बार भी युवाओं, महिलाओं और स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रमा फाउंडेशन सम्मानित
रक्तदान और समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार योगदान के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) के डीन डॉ. विवेक चौधरी ने प्रमा फाउंडेशन को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
संस्था ने सभी रक्तदाताओं और सहयोगियों का आभार जताते हुए कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम है।
रक्तदान को जनआंदोलन बनाने पर जोर
दोनों आयोजनों में एक ही संदेश प्रमुखता से सामने आया “रक्तदान जीवनदान है”। वक्ताओं ने कहा कि, एक यूनिट रक्त कई लोगों की जिंदगी बचा सकता है। इसलिए युवाओं को नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए और इसे सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाना चाहिए।