
नीता के मुताबिक, उन्हें आरकेसी की ओर से एक मैच में ऑब्जर्वर के रूप में बुलाया गया था। मैच के दौरान अंपायर के एक फैसले को लेकर कुछ देर के लिए खेल रुका, लेकिन बाद में दोबारा शुरू हो गया। इसी दौरान उन्हें प्रिंसिपल के पास बुलाया गया, जहां उनके अनुसार उनसे ऊंची आवाज में सवाल किए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में उनसे घटना पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया, जबकि हॉकी के नियमों के तहत इसकी एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। उनका कहना है कि घटना से आहत होकर उन्होंने कॉलेज प्रबंधन को पत्र लिखा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
महिला आयोग में शिकायत
नीता ने बताया कि इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत राज्य महिला आयोग में की। उनका आरोप है कि आयोग की ओर से कई बार बुलाए जाने के बावजूद संबंधित पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब आयोग की ओर से दोबारा सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है।
क्या कहा नीता डुमरे ने ?
नीता का कहना है कि एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होने के नाते उन्हें सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ सार्वजनिक रूप से ऐसा व्यवहार किया गया, जो किसी महिला और खिलाड़ी की गरिमा के अनुरूप नहीं था।
दूसरे पक्ष का इंतजार
मामले में प्रिंसिपल अनिरुद्ध सिंह और राजकुमार कॉलेज प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है। उनके जवाब के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।