
बच्चियों का कहना है कि उन्होंने कलेक्टर से शिकायत की है। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 10 अक्टूबर को सभी बच्चे पढ़ाई छोड़कर बाहर निकल गए। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि 3 से 4 दिन के अंदर मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।
नवमीं-दसवीं के हैं स्टूडेंट
दरअसल, ये बच्चे नवमीं, दसवीं में पढ़ाई करते हैं। वहीं पिछले करीब 2 दिन से लगातार स्कूल की शिक्षिका माधुरी को हटाने की प्रशासन से मांग कर रहे हैं। अब इनका कहना है कि जब तक प्रशासन उस टीचर को नहीं हटाता है तब तक स्कूल के अंदर नहीं जाएंगे।
आरोप- क्लास रूम में बंद किया
छात्रा अनन्या ने कहा कि, एक दिन पहले हमारे परिजन भी मिलने आए थे। लंच ब्रेक था। लेकिन फिर भी माधुरी मैडम ने हमें मिलने नहीं दिया। हमें एक क्लास में बंद कर दिया गया था। लेकिन किसी तरह से हम कैंपस से ही बाहर निकल गए। हमें डर है कि कहीं हम दोबारा स्कूल चले गए तो मैडम हमारे साथ कुछ कर न दे।
अफसरों ने बयान बदलने को कहा
बच्चों का कहना है कि हमारे विरोध के बाद एक BEO मैडम आईं थी। उन्होंने शिक्षिका पर कार्रवाई करने की बजाय हमें ही फटकार लगा दी। हमसे कहा कि अपना बयान बदल दो। उनका कहना था कि मैडम का 15 साल का रेपुटेशन है। यदि ऐसा ही मामला चलता रहा तो उनका रेपुटेशन खराब हो जाएगा।