
दरअसल, तराईडांड गांव में 14 नवंबर को शत्रुघ्न दास के परिवार के घर रात करीब 1 बजे 15 से ज्यादा हथियारबंद डकैत घर के पिछले हिस्से की दीवार फांदकर अंदर घुसे थे।
इस दौरान डकैतों ने शत्रुघ्न दास और उनकी पत्नी की कनपटी पर बंदूक तान दी। परिवार के 11 सदस्यों को बंधक बना लिया था। इसके बाद डकैतों ने पूछा कि पूर्व CM भूपेश बघेल की उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया के 20-25 लाख रुपए कहां हैं। वहीं, परिजनों ने इन आरोपियों की गिरफ्तारी का विरोध भी जताया है।
सौम्या चौरसिया की क्लासमेट थी
बदमाशों ने हथियार के बल पर डेढ़ लाख रुपए नकद और सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए थे। और जान से मारने की धमकी दी थी।
जांच में सामने आया है कि शत्रुघ्न दास की बेटी रायपुर में सौम्या चौरसिया के साथ पढ़ाई करती थी और सौम्या का उनके घर आना-जाना था। इसी संबंध को लेकर डकैतों ने सौम्या चौरसिया के पैसे के बारे में पूछा था।
परिजन और ग्रामीणों ने जताया गिरफ्तारी का विरोध
गिरफ्तार आरोपियों को जब जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मुलाइजा के लिए ले जाया गया, तो वहां उनके परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंच गए।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि पकड़े गए लोग निर्दोष हैं और उन्हें जबरन फंसाया जा रहा है, साथ ही उनके साथ मारपीट भी की गई है।
आरोपियों के कब्जे से कार और हथियार जब्त
ASP नीतिश ठाकुर ने बताया कि पाली थाना क्षेत्र से लक्ष्मी नारायण श्याम, विनोद कुमार सलाम और कटघोरा निवासी अक्षय कुमार पावले को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों के कब्जे से हथियार और डकैती की रकम भी बरामद की गई है। तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इससे पहले, पुलिस ने इस मामले में 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से चार पहिया वाहन और हथियार जब्त किए गए थे।