
उन्होंने कार के अंदर ही महिला का प्रसव कराया। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए करीब दो घंटे बाद अस्पताल खोला गया। इसके बाद जच्चा और बच्चा दोनों को भर्ती कर उनका इलाज शुरू किया गया।
गांव के लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ताला लगा मिला हो। स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण ग्रामीण अक्सर परेशान रहते हैं। अब ग्रामीण इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।हैं।