
ग्रामीणों का कहना था कि वे अपनी पारंपरिक मान्यताओं और मूल संस्कृति को बचाना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में धर्म का प्रचार करने या लोगों को भ्रमित करने की अनुमति नहीं देंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर मिशनरियों की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचित किया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसी गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे भविष्य में और उग्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी की जा रही है।