
जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम करीब 6 बजकर 45 मिनट पर सुनील महानंद (30) अचानक टहलते हुए जेल में लगे पीपल के पेड़ के पास पहुंचा। जहां पेड़ की टहनी पर गमछे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। उसे देखकर मौके पर मौजूद पहरेदारों ने पेड़ से नीचे उतारा, तब उसकी सांसें चल रही थी।
तत्काल उसे मेकाहारा रवाना किया, लेकिन हॉस्पिटल पहुंचने से पहले उसने दम तोड़ दिया। यह पूरी घटना जेल के सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है। जिसमें कैदी फांसी लगाते हुए दिखाई दे रहा है। इसलिए पुलिस इसे आत्महत्या का मामला ही मान रही है। परिजनों का आरोप- चोरी-छिपे भेजा गया शव
परिजनों ने आरोप लगाया है कि, आत्महत्या के बाद बिना परिजनों को सूचना दिए बॉडी को चोरी-छिपे मॉर्चुरी भेज दी गई। उन्हें देर रात इस घटना की जानकारी दी गई। यदि समय रहते सूचना दी जाती, तो वे मौके पर पहुंच सकते थे। परिजनों ने जेल प्रशासन पर जानबूझकर सूचना देने में देरी करने का भी आरोप लगाया है।
जेल में पैसे-सामान छीन लेते थे
परिजनों का कहना है कि, 2 महीने से जेल में बंद था, उससे हम मुलाकात करने भी आते थे। सुनील बताता था कि, मुझे बहुत प्रताड़ित किया जा रहा है। उसे 3 स्वेटर और 5-6 जोड़ी कपड़े भी दिए थे। खाने पीने का सामान भी दिया। जिसको वहां छीन लेते थे। उसको पेटीएम के जरिए पैसे भी दिए थे, लेकिन पैसे भी उसे नहीं दिए गए।