
प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि वे साल 2022 से इन मकानों में रह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले उन्हें किसी प्रकार का नोटिस या मुनादी नहीं दी गई।
ग्रामीणों के अनुसार, अचानक दो बुलडोजर लाकर अधिकारियों ने मकान गिराना शुरू कर दिया। वे राजस्व और नगरपालिका अधिकारियों से दो दिन की मोहलत मांग रहे हैं ताकि घरों से अपना जरूरी सामान निकाल सकें, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही है।
2 बार थमा चुके है नोटिस
दूसरी ओर, मुख्य नगरपालिका अधिकारी बी.एल. नुरेटी और तहसीलदार पंचराम सलामे ने बताया कि इन अतिक्रमणकारियों को पहले दो बार नोटिस जारी किए जा चुके थे। अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के कारण आज यह कार्रवाई की जा रही है। कुल 75 मकानों को इस कार्रवाई के दायरे में लाया गया है।