
खाद्य अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, कविता राइस इंडस्ट्रीज, हथबंद के भौतिक सत्यापन में 2372.64 क्विंटल धान कम पाया गया था। इसके बाद कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के तहत 5403.6 क्विंटल धान और 3362.5 क्विंटल चावल जब्त किया गया। इसी मामले में प्रशासन ने मिल को सील करने की कार्रवाई की।
यह कार्रवाई कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर की जा रही है। उनका उद्देश्य धान खरीदी कार्य को पारदर्शी और सुचारु बनाना है, ताकि अवैध धान समितियों पर न खपाया जा सके। इसी के तहत जिले के सभी राइस मिलों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है और अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
छेरकापुर उपार्जन केंद्र के दो कर्मियों की सेवा समाप्त
बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी के दौरान अनियमितता और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। छेरकापुर उपार्जन केंद्र के दो कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
यह कार्रवाई छेरकापुर उपार्जन केंद्र में सत्यापन के दौरान पकड़ी गई गड़बड़ी के बाद हुई। यहां किसान माखन सेन के 226 कट्टे धान को पावती में फर्जी तरीके से 282 कट्टे दर्शाया गया था। इस प्रकार 56 कट्टे अतिरिक्त धान खपाने का प्रयास किया जा रहा था।
इस फर्जीवाड़े में संलिप्त केंद्र के कर्मचारी पंचू राम घृतलहरे और कल्याण वर्मा की भूमिका स्पष्ट होने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक कर दिया गया। इसी कड़ी में धान खरीदी कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में खैरा समिति के प्रबंधक को भी केंद्र से हटा दिया गया है।
इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सीसीबी रायपुर को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। इसके अलावा कसडोल और सिंगारपुर उपार्जन केंद्रों में भी नियम विरुद्ध कार्य पाए गए। यहां बिना किसी भौतिक परीक्षण के टोकन में संशोधन करने के दोषी कंप्यूटर ऑपरेटरों को धान खरीदी कार्य से मुक्त कर दिया गया है।