
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय, नवा रायपुर द्वारा जारी पत्र के अनुसार, बिलासपुर संभाग क्रमांक-2 के कार्यपालन अभियंता ने सात विभिन्न कार्यों के भुगतान के लिए ऑनलाइन आवंटन की मांग की थी। ये कार्य हाई कोर्ट के मुख्य भवन, जजेस बंगलों और आवासीय परिसर के वार्षिक संधारण से जुड़े हैं।मुख्यालय ने अब सभी देयकों के भुगतान से पहले क्वॉलिटी चेक को अनिवार्य कर दिया है। प्रमुख अभियंता ने अधीक्षण अभियंता, बिलासपुर को निर्देश दिया है कि वे स्वयं सभी कार्यों की गुणवत्ता परखें और अपनी संतुष्टि के बाद ही प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। इसके बाद ही कार्यपालन अभियंता को भुगतान के लिए हरी झंडी मिलेगी।
इन सात कार्यों की होगी शत-प्रतिशत गुणवत्ता जांच
- शहरी क्षेत्र के जजेस बंगलों और चांदनी अपार्टमेंट में वार्षिक मरम्मत एवं रखरखाव के लिए 30.04 लाख रुपये का भुगतान प्रस्तावित है।
- उच्च न्यायालय आवासीय परिसर बोदरी में सेक्टर-1 स्थित आवासीय परिसर में वार्षिक संधारण एवं मरम्मत कार्य के भुगतान के लिए 23.74 लाख रुपये का भुगतान।
- जजेस बंगले एवं अन्य महत्वपूर्ण भवनों में विशेष मरम्मत एवं संधारण कार्य के लिए 3.92 लाख रुपये का देयक लंबित हैं।
- हाई कोर्ट मुख्य भवन सत्र 2025-26 में उच्च न्यायालय के मुख्य भवन और परिसर के अन्य भवनों में संधारण कार्यों के लिए 23.07 लाख रुपये का आवंटन प्रस्ताव है।
- हाई कोर्ट मुख्य भवन बोदरी में वार्षिक मरम्मत और रखरखाव कार्य के लिए राशि 61.38 लाख रुपये का भुगतान अटका है।
- हाई कोर्ट परिसर बोदरी में कराए गए अत्यंत आवश्यक और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए 38.96 लाख रुपये का देयक प्रस्तुत है।
- हाई कोर्ट परिसर बोदरी स्थित अन्य महत्वपूर्ण भवनों में वार्षिक मरम्मत और रखरखाव कार्य के लिए 56.67 लाख रुपये का भुगतान होना है।