NSUI आज (7 मई) छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर सीएम निवास का घेराव करने वाली है। घेराव से पहले छात्र संघ चुनाव को लेकर रायपुर के सीनियर पॉलिटिशियन और मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स में अपना भविष्य देख रहे प्रदेश के दो उभरते युवा नेताओं से बातचीत की गई इस बातचीत में (भाजपा/कांग्रेस) दोनों गुटों के सदस्यों को शामिल किया गया। दोनों पक्ष छात्र संघ चुनाव के पक्ष में दिखे, लेकिन चुनाव न होने को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप भी लगाए इस मसले पर सबसे पहले हमने कांग्रेस के वरिष्ट नेता और राजधानी के पूर्व महापौर प्रमोद दुबे का ओपिनियन जाना। वो साफ तौर पर कहते हैं कि क्वालिटी लीडर्सशिप छात्र संघ चुनाव के जरिए ही मिलती है। छात्रसंघ चुनाव नेतृत्व तैयार करने की पहली पाठशाला हैं।
विश्वविद्यालय और कॉलेजों में होने वाले छात्रसंघ चुनाव युवाओं को प्रशासनिक क्षमता, संगठन कौशल और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने का अवसर देते हैं। यही कारण है कि देश और प्रदेश की राजनीति में कई बड़े नेता छात्र राजनीति से निकलकर आगे आए हैं।
वहीं कांग्रेस शासन में चुनाव न होने को लेकर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली थी, लेकिन कोविड के चलते जो परिस्थितियां बनी उसने इसकी इजाजत नहीं दी।