
अंधेरे में जहरीले सांप, बिच्छू और जंगली जानवरों के डर से ग्रामीण रात भर जागने को मजबूर हैं। मेहनत-मजदूरी करने वाले किसानों ने मजबूरी में उधारी लेकर बाजार से 3-3 हजार की होम लाइट खरीदी है। शासकीय सुविधा नाम की ही रह गई है।
इधर गांव की प्राइमरी स्कूल का भवन 3 साल पहले स्वीकृत हुआ था। ठेकेदार फाउंडेशन डालकर भाग गया। नौनिहाल आज भी टूटी छत के नीचे पढ़ रहे हैं।
ग्राम के छबिलाल ओटी, टिकेश जगत, अभिराम मरकाम, चमरू राम मंडावी, शत्रुघ्न मरकाम, रूपेश मरकाम सहित महिला ग्रामीण रैलमति ओटी, सोनबाई नेताम, जयंती बाई ने कलेक्टर से मांँग की है कि सौर प्लांट को पक्की जगह पर तुरंत चालू किया जाए और स्कूल भवन पूरा किया जाए।