
जानकारी के मुताबिक, स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग और फोन खरीदने बेचने का काम करने वाले व्यवसायी अर्पित अग्रवाल ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि, वह रियल स्टेट कारोबारी आदित्य गुप्ता के माध्यम से आयुष सिंह राजपूत से हुई थी। आदित्य गुप्ता ने बताया कि आयुष रेत माफिया है। इसका करोड़ों का कारोबार है। वो कान्हा मोबाइल के संचालक के साथ भी काम करता है।
मोबाइल प्री बुकिंग के नाम पर जमा कराए पैसे
20 अक्टूबर 2025 को आयुष सिंह ने अर्पित अग्रवाल को बताया कि, वीवो के फ्लैगशिप फोन पर क्रेडिट कार्ड के माध्यम से प्री-बुकिंग पर भारी छूट मिल रही है। यह फोन बड़े मोबाइल डीलर कान्हा मोबाइल के पास ही उपलब्ध हो सकता है। अर्पित अग्रवाल 12 नवंबर को आयुष सिंह के साथ कान्हा मोबाइल दुकान पहुंचा।
मोबाइल की डिलेवरी के संबंध में आयुष ने बताया कि, 14 दिन के बाद मिलेगी। यदि मोबाइल नहीं मिला तो पैसा वापस कर दिया जाएगा। आयुष ने 25 और 28 नवंबर को करीब 5 लाख का ट्रांजेक्शन कान्हा मोबाइल के खाते में क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कराया।
10 दिसंबर को आयुष ने अर्पित से संपर्क कर एक्सक्लूसिव ऑफर्स का झांसा देकर दो लाख और 12 दिसंबर को 5 लाख कान्हा मोबाइल में जमा कराया। 17 और 18 दिसंबर को 2.80 लाख और 66 हजार का ऑनलाइन टांजेक्शन क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कान्हा मोबाइल के खाते में कराया।
26 दिसंबर को आयुष से संपर्क करने पर अर्पित अग्रवाल को बताया गया कि फोन की डिलीवरी कैसिंल हो गई है। आपको आपका पैसा रिफंड कर दिया जाएगा। रिफंड के नाम पर उन्हें एक माह तक आयुष सिंह राजपूत घूमाता रहा।
शिकायत पर FIR दर्ज
अर्पित अग्रवाल ने कान्हा मोबाइल के संचालक आयुष अग्रवाल से खुद जाकर पता किया तो उन्होंने बताया कि आयुष सिंह राजपूत ने सभी आनलाइन ट्रांजेक्शन के कुछ देर बाद ही कैश ले लिया था। उसने कमीशन काट कर आयुष सिंह को 16 लाख रुपए का भुगतान कर दिया है। दुकान में लगे CCTV फुटेज में नगद का दिया जाना रिकार्ड है।
अर्पित अग्रवाल ने इसकी रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई। रिपोर्ट पर पुलिस ने आयुष सिंह राजपूत और कान्हा मोबाइल के संचालक आयुष अग्रवाल के खिलाफ धारा 3 (5) व 318 (4) BNS के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।