
नोएडा के आलीशान ‘गौर सिटी मॉल’ में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ये शातिर ठग करोड़ों रुपए डकार चुके हैं। इस गैंग की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी पुरुष होकर भी सॉफ्टवेयर के जरिए लड़की की आवाज निकालकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
रायपुर कमिश्नरेट के अधिकारियों ने बताया कि, आरोपियों के खिलाफ मुजगहन थाना क्षेत्र के कांदुल निवासी परमजीत सिंह चड्ढा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि, उसे नवंबर 2024 में अनिरुद्ध चौधरी नाम के व्यक्ति का फोन आया।
कॉलर ने बताया कि, उनके नाम पर 98 लाख 64 हजार रुपए की बीमा पॉलिसी मैच्योर हो चुकी है। झांसा देने के लिए उसने परमजीत की बात ‘सरला आर्या’ नाम की एक महिला कर्मी से कराई (जो असल में ठग ही आवाज बदलकर बात कर रहा था)।
प्रोसेसिंग फीस, टैक्स और एनओसी के नाम पर आरोपियों ने प्रार्थी से किश्तों में कुल 9 लाख 60 हजार रुपए ठग लिए। शक होने पर जब पीड़ित ने बैंक में दस्तावेज चेक कराए, तो पता चला कि आरबीआई के नाम पर भेजे गए सभी पेपर और डीडी फर्जी थे। इस मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की गई।
पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और मुजगहन पुलिस की टीम दिल्ली रवाना हुई। तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस ने नोएडा के गौर सिटी मॉल स्थित एक ऑफिस में छापा मारा। वहां से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
9 महीने से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि, वे पिछले 9 महीने से इस फर्जी कॉल सेंटर का संचालन कर रहे थे। ये लोग ‘वॉइस टेम्पर’ सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते थे, जिससे कॉल पर इनकी आवाज पूरी तरह लड़की जैसी सुनाई देती थी।
इसी वजह से लोग आसानी से इनके भरोसे में आ जाते थे। आरोपियों के पास से फर्जी आईडी, सिम कार्ड, म्यूल अकाउंट, फर्जी लेटर हेड, डिमांड ड्राफ्ट जब्त किया है। आरोपी कम ब्याज में लोन दिलाने का झांसा देकर भी लोगों से फाइल चार्ज के नाम पर ठगी करते थे।
दूसरे राज्यों की पुलिस से भी संपर्क कर रहे अधिकारी
पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला ने बताया कि, आरोपी बहुत ही शातिर तरीके से अपनी पहचान छिपाकर वारदात कर रहे थे। इनके कब्जे से 3 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। शुरुआती जांच में करोड़ों की ठगी के इनपुट मिले हैं। देश के अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।