
इतना होने के बावजूद जिला उपाध्यक्ष विजय साव को पुलिस ने समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन वे कांग्रेस भवन छोड़ने को तैयार नहीं थे। इसके बाद शख्ती दिखाई गई। अब कांग्रेस नेताओं ने विजय साव के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराई है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे महंगाई पर पत्रकार वार्ता की गई। इस दौरान कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष और वार्ड नंबर-28 के पार्षद विजय साव ने पूर्व ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष ढेलू निषाद और शहर कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष निर्मल जैन से सवाल-जवाब शुरू किए।
पार्षद विजय साव ने आरोप लगाया कि, पार्टी पदाधिकारियों को सूचना ठीक से नहीं दी गई थी। यह बहस जल्द ही तीखी नोकझोंक में बदल गई और फिर हाथापाई तक पहुंच गई।
मारपीट कर कुर्सियां-ग्लास फेंकी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीनों के बीच जमकर मारपीट हुई। गुस्से में आकर प्लास्टिक की कुर्सियां और ग्लास फेंकी गईं, जिससे कई कुर्सियां टूट गईं और कांच के ग्लास भी चकनाचूर हो गए। मारपीट में तीनों के कपड़े भी फट गए।
बुलानी पड़ गई पुलिस
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर मौजूद बाकी नेताओं को बीच-बचाव करना पड़ा। हालांकि, माहौल शांत नहीं हुआ। आखिरकार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष और खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव को पुलिस बुलानी पड़ी। सिटी कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
विजय साव के खिलाफ FIR दर्ज
बताया गया कि पुलिस ने विजय साव को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन वे कांग्रेस भवन छोड़ने को तैयार नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें भवन से बाहर निकाला। इस घटना से नाराज कांग्रेस नेताओं ने विजय साव के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराई है।