
चेकिंग के दौरान पुलिस ने बदमाशों की वर्तमान गतिविधियों, उनके आने-जाने और संपर्कों की बारीकी से जांच की। उनके आय के स्रोतों की भी पड़ताल की गई ताकि यह पता चल सके कि वे किसी अपराध में शामिल तो नहीं हैं।
साथ ही, उनके खिलाफ पहले दर्ज मामलों की भी समीक्षा की गई। यह देखा गया कि वे अदालत में समय पर हाज़िर हो रहे हैं या नहीं और उनके खिलाफ कोई लंबित वारंट तो नहीं है।
सभी संबंधित लोगों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे आगे किसी भी अपराध में शामिल न हों। अगर उन्होंने किसी तरह का अपराध किया, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनकी जमानत भी रद्द कराने के लिए न्यायालय में रिपोर्ट दी जा सकती है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चेकिंग के दौरान जो निगरानी में रखे गए गुंडा-बदमाश नदारद रहे, उनकी तलाश अभी जारी है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, 15 मामलों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126, 129 और 135 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई और तीन वारंट भी तामील किए गए। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध लोगों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इसी बीच, कोतवाली पुलिस ने टिकरापारा के खटिक मोहल्ला में मारपीट के मामले में सूजी और अमन सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया। तोरवा क्षेत्र में चाकूबाजी के मामले में हर्ष कुकरेजा और राकेश ध्रुव को धारदार चाकू के साथ पकड़ा गया। सभी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।