अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर रविवार शाम तेज रफ्तार स्कार्पियो ने 3 महिलाओं को कुचल दिया

Chhattisgarh Crimesअंबिकापुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर रविवार शाम तेज रफ्तार स्कार्पियो ने 3 महिलाओं को कुचल दिया। जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। हादसे के बाद ग्रामीणों ने करीब डेढ़ घंटे तक चक्काजाम किया था। सोमवार को ग्रामीणों ने फिर मौके पर सुबह 10 बजे टायर जलाकर चक्काजाम कर दिया।

चक्काजाम से दोनों ओर 10 किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लगी रही। एम्बुलेंस भी जाम में फंस गए। प्रशासनिक अमले ने उचित मुआवजा सहित अन्य आश्वासन देकर तीन बजे चक्काजाम समाप्त कराया।

दरअसल, रविवार शाम नेशनल हाईवे-130 स्थित भिट्ठीकला में बाजार से सब्जी खरीदकर लौट रहीं 3 महिलाओं को बेकाबू स्कार्पियो ने रौंद दिया। इसके बाद स्कार्पियो एक बच्ची को चपेट में लेते हुए ट्रक से टकरा गई। हादसे में 3 महिलाओं की मौत और एक बच्ची घायल हो गई।

घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने गाड़ी के ड्राइवर को खूब पीटा और हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान 3 से 4 किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। एसडीएम फागेश सिन्हा और पुलिस की समझाइश के बाद चक्काजाम हट गया था।

दूसरे दिन पांच घंटे चक्काजाम, 10 किलोमीटर की लंबी लाइन

हादसे में मृत रामबाई (50), मुन्नी बाई (40) और श्यामपति (35) का शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। शव भिट्ठीकला पहुंचा तो आक्रोशित लोगों ने नेशनल हाईवे पर टायर जलाकर चक्काजाम कर दिया। शव वाहन में तीनों के शव भी रखे हुए थे।

सुबह 10 बजे से चक्काजाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। मालवाहकों के साथ यात्री वाहनें भी जाम में फंस गईं। जाम में कई एम्बुलेंस भी फंस गए। हालांकि इनमें मरीज नहीं थे।

मुआवजा दिलाने पर खत्म हुआ चक्कजाम

चक्काजाम की सूचना पर एसडीएम फागेश सिन्हा सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के समक्ष ग्रामीणों ने मुआवजा दिलाने, 30 दिन में चालान पेश करने, वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण के लिए स्पीड ब्रेकर लगाने, स्ट्रीट लाइट लगाने सहित कई मांगें रखीं।

एसडीएम फागेश सिन्हा ने मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद तीन बजे चक्काजाम समाप्त हुआ। चक्काजाम समाप्त होने के बाद मार्ग से आवागमन शुरू कराया गया, जिसे सुचारू होने में एक से डेढ़ घंटे लग सकते हैं।

तीनों मृतक एक ही परिवार के, गांव में मातम

हादसे में मारी गई तीनों महिलाएं एक ही परिवार की हैं। तीनों घर से रविवार दोपहर बाद बाजार जाने के लिए निकली थीं। घटना से जोगीबांध में शोक है। तीनों के शवों का अंतिम संस्कार आज ही किया जा रहा है।

Exit mobile version