
कार्रवाई से पहले टीम ने एक बार स्थल का निरीक्षण किया और फिर रणनीति के तहत सुबह करीब 6 बजे दोबारा छापा मारा।
टीम ने तत्काल बच्चियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। अब उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें उन्हें शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और बेहतर जीवन उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है।
इस मामले में बाल श्रम निषेध अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम
इस अभियान में जिला बाल संरक्षण इकाई से माधुरी शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी संजय निराला, सामाजिक कार्यकर्ता गोरखनाथ पटेल, श्रम निरीक्षक पटेल, अभिमन्यु भरिया और विपिन ठाकुर (राज्य समन्वयक, एसोसिएशन फॉर वॉलंटियरी एक्शन) सहित चाइल्डलाइन टीम के सदस्य शामिल रहे।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट किया है कि बाल श्रम के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।