
दरअसल, ग्राम देवरी निवासी सुरेश वस्त्रकार (43) पिता दुखीराम NTPC के एमजीआर डिपार्टमेंट में राइटस कंपनी में गैंगमैन में हेल्पर का काम करता था। बताया जा रहा है कि बुधवार को वो ड्यूटी पर था। शाम करीब 5 बजे लाइन नंबर-2 में कोयला छनाई का काम पूरा करने के बाद उसने अपनी उपस्थिति दी।
फिर अपने साथी कर्मचारियों के साथ ड्यूटी पॉइंट से निकल गया। इस दौरान उसके साथ काम करने वाले कर्मचारी अपने-अपने घर पहुंच गए, लेकिन सुरेश रात भर घर नहीं लौटा।
खोजते हुए रात एक बजे NTPC पहुंचे परिजन
इधर, सुरेश के घर नहीं पहुंचने से परेशान परिजन उसकी तलाश करते रहे। उनके सहयोगी कर्मचारियों से बातचीत करने के बाद देर रात तक उसकी खोजबीन में जुटे रहे। कहीं पता नहीं चलने पर परिजन रात करीब 1 बजे NTPC प्लांट पहुंच गए। तब उन्हें बताया गया कि, सुरेश की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है। उनका शव सीपत हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया है।
प्रबंधन पर जानकारी छिपाने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि, NTPC प्रबंधन ने घटना की जानकारी छिपाई और परिजनों को इस घटना की जानकारी तक नहीं दी। उन्हें बिना जानकारी दिए शव को अस्पताल भेज दिया। गुरुवार को परिजन और ग्रामीण इस घटना को लेकर नाराजगी जताते हुए मटेरियल गेट पहुंच गए। धीरे-धीरे कर लोगों की भीड़ जुटी और हंगामा शुरू कर दिया।
मजदूर के परिजनों ने की मुआवजे की मांग
आक्रोशित मजदूरों के साथ ही परिजन और स्थानीय लोग प्रबंधन पर मनमानी करने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि मजदूर के परिजन को मुआवजा राशि दी जाए। विरोध-प्रदर्शन के बाद NTPC प्रबंधन प्रदर्शनकारियों से चर्चा करने की कोशिश में है।
इसके चलते NTPC में तनाव का माहौल है। ऐहतियात के तौर पर पुलिस जवान और अफसर तैनात हैं। परिजनों ने प्रबंधन पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है।
प्रबंधन से चल रही है चर्चा
NTPC के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी प्रवीण रंजन भारती ने बताया कि, ठेका मजदूर के शव को देखकर पुलिस ने प्रथम दृष्टया सुसाइड बताया है। यह कोई हादसा नहीं है। फिर भी प्रदर्शनकारियों के साथ प्रबंधन की चर्चा चल रही है। कही कोई विवाद की स्थिति नहीं है।