छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में पुलिस सट्टा, जुआ जैसे अवैध कारोबार के खिलाफ ऑपरेशन अंकुश चला रही

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में पुलिस सट्टा, जुआ जैसे अवैध कारोबार के खिलाफ ऑपरेशन अंकुश चला रही है। जिसका बड़ा असर देखने को मिला है। जिसमें शहर के दो बड़े सट्टा खाईवालों ने सरेंडर कर दिया है। इन दोनों खाईवालों के खिलाफ शहर के थाना में अपराध दर्ज थे और आरोपी फरार था। जहां दोनों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दोबारा सट्टा नहीं खेलाने की बात की है।

मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस के द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन अंकुश चलाने के बाद जुआ-सट्टा के नेटवर्क लगातार कार्रवाई की जा रही है।

इसमें सट्टा लिखने वालों के साथ-साथ पहली बार खाईवालों के खिलाफ भी कार्रवाई देखी गई। जहां पुलिस के इस ऑपरेशन अंकुश के तहत बढ़ते दबाव के चलते फरार चल रहे आरोपी हेमराज बरैठ उर्फ पप्पू बरैठ ने बुधवार को SSP शशि मोहन सिंह के समक्ष आकर सरेंडर किया।

इस दौरान SSP द्वारा आरोपी को समझाईश दी गई कि अवैध गतिविधियों से दूर रहकर समाज की मुख्य धारा में जुड़े। वहीं मंगलवार को मोहम्मद शाहनवाज मलिक उर्फ शानू ने कोतवाली में जाकर सरेंडर किया।

थानों में कई अपराध दर्ज हेमराज बरेठ उर्फ पप्पू बरेठ 34 साल निवासी कबीर चौक के आपराधिक रिकार्ड के अनुसार वर्ष 2023 में थाना चक्रधरनगर में दो सट्टा के मामलों दर्ज हुए थे।

थाना जूटमिल में साल 2024 में 1 और 2025 में 1 मामला दर्ज किया गया। वर्ष 2026 में आरोपी पर थाना कोतवाली और थाना पुसौर में सट्टा कार्रवाई में नाम जोड़ा गया।

तब से आरोपी पप्पू बरेठ फरार था। वहीं आरोपी पप्पू बरेठ का पिता कंगालू बरेठ भी सट्टा के कारोबार से जुड़ा था, जिसके खिलाफ थाना जूटमिल में 30 से अधिक मामले दर्ज हैं।

आरोपी को रिमांड में जेल भेजा आरोपी मोहम्मद शाहनवाज मलिक उर्फ सानू 36 साल निवासी मधुबनपारा के खिलाफ इसी साल कोतवाली थाना में चार मामले धारा 4,6 जुआ अधिनियम में कार्रवाई की गई है।

पूर्व में गिरफ्तार आरोपी नरेन्द्र दीप निवासी बापूनगर ने सट्टा खाईवाल शहनवाज उर्फ शानू खान और उसके साला एजाज खान के लिए कमीशन पर सट्टा लिखना बताया गया था।

आरोपी एजाज खान फरार है। कोतवाली पुलिस ने आरोपी मोहम्मद शाहनवाज मलिक उर्फ शानू को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है।

अवैध गतिविधियों की पुलिस को सूचना दे SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि जुआ-सट्टा जैसे अवैध कार्य न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करते हैं।

रायगढ़ पुलिस ऐसे अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। आमजन से अपील है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों से दूर रहें और इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। ताकि समय रहते कड़ी कार्रवाई की जा सके।