
जानकारी के मुताबिक, संदीप, बाबू खेमानी का रिश्तेदार बताया जा रहा है। वह बाबू खेमानी के बुआ का लड़का है। लंबे समय से ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि संदीप असरानी, बाबू खेमानी और उसकी टीम को बैंक खाते, सिम कार्ड और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराता था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बाबू खेमानी से जब्त किए गए कई सिम कार्ड भी संदीप असरानी के नाम पर दर्ज पाए गए हैं। पुलिस को शक है कि फर्जी दस्तावेजों और रिश्तेदारों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए जा रहे थे। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा।
बताया जा रहा है कि, पुलिस को पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। सट्टा कारोबार से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी भी खंगाली जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े बाकी आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
मददगारों के खिलाफ जांच जारी
अधिकारियों का कहना है कि, पूछताछ पूरी होने के बाद पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
प्रदेश में ऑनलाइन सट्टे और अवैध गेमिंग ऐप्स के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। जांच एजेंसियां अब उन लोगों को भी निशाने पर ले रही हैं, जो सीधे तौर पर सट्टा नहीं चला रहे, लेकिन संसाधन उपलब्ध कराकर नेटवर्क को मजबूत बना रहे हैं।