
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम मोहारा निवासी नंदकिशोर वर्मा उर्फ नीतू (छोटा कट्टी) कोटरीछापर रोड स्थित मुढिया नाला के पास भारी मात्रा में अवैध शराब जमा कर बिक्री की तैयारी कर रहा है।
सूचना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से इलाके की घेराबंदी कीने अवैध शराब पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
दबिश पड़ते ही भागने लगे आरोपी
पुलिस टीम के पहुंचते ही आरोपी भागने लगे। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीन लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया। मुख्य आरोपी नंदकिशोर वर्मा अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
9 पेटी गोवा व्हिस्की और ईवी स्कूटी जब्त
पूछताछ में पता चला कि फरार आरोपी नंदकिशोर ने स्वीफ्ट डिजायर कार (CG 04 LG 9461) के जरिए शराब मंगवाई थी।
पुलिस ने मौके से मध्य प्रदेश निर्मित गोवा व्हिस्की की 9 पेटियां, कुल 450 पौवा (81 बल्क लीटर शराब), एक ओला ईवी स्कूटी (CG 08 BB 4537) जब्त की।
जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 10 हजार 750 रुपये बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहारा निवासी देवव्रत वर्मा, रूवातला निवासी चुम्मन सिन्हा और मोहारा निवासी महेन्द्र वर्मा के रूप में हुई है। सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) और 36 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मुख्य आरोपी की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, फरार मुख्य आरोपी नंदकिशोर वर्मा का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
6 महीने में 10वीं बड़ी कार्रवाई
राजनांदगांव पुलिस ने बताया कि पिछले छह महीनों से जिले में अवैध शराब के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह इस अवधि की 10वीं बड़ी कार्रवाई है।
इन अभियानों में अब तक करीब 880 लीटर अवैध शराब जब्त की जा चुकी है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 11 लाख रुपये बताई गई है।
1 महीने में 135 से ज्यादा केस
पुलिस आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक महीने में 135 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए। कुल 147 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का बयान-किसी को बख्शा नहीं जाएगा
राजनांदगांव पुलिस प्रशासन ने कहा है कि जिले में अवैध शराब के परिवहन और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाना प्राथमिकता है। इसके लिए विशेष टीमें लगातार सक्रिय हैं और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस अभियान में कीर्तन राठौड़, वैशाली जैन, केशरीनंदन नायक और विनय पम्मार के नेतृत्व वाली टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।