
आरोपियों के मध्य भारत के चर्चित सट्टा नेटवर्क संचालक “मन्नू नथानी” गिरोह से जुड़े थे। आरोपी ऊपर से बेटिंग आईडी लेकर नीचे एजेंटों और प्लेयर्स तक पहुंचाते थे और हर लेनदेन पर कमीशन लेते थे। वे हवाला के जरिए भी पैसों का लेनदेन करते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों के पास दुबई से बेटिंग आईडी आती थी। इसके बाद आईडी दूसरों तक पहुंचाई जाती थी। इसके अलावा आरोपी 7 सेकेंड पहले ही मैच देखकर सट्टे के रेट अपडेट करते थे। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
पहली गिरफ्तारी में हवाला नेटवर्क और सट्टा सिंडिकेट के मिले सुराग
दरअसल, कोतवाली थाने में दर्ज ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा मामले में पहले करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई थी। पूछताछ के दौरान हवाला नेटवर्क और बड़े सट्टा सिंडिकेट से जुड़े अहम इनपुट मिले।
इसके बाद साइबर थाना और कोतवाली थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच में रायगढ़, रायपुर, सक्ती और खरसिया से जुड़े नेटवर्क के तार गोवा तक पहुंचे। कैंडोलिम बीच क्षेत्र में किराए के विला में दबिश दी गई।
मोबाइल और दस्तावेज नष्ट करने की कोशिश
इस दौरान अमित मित्तल (30), मोहित सोमानी (38), प्रकाश वाधवानी (28), आकाश मोटवानी (28), राहुल खंडेलवाल उर्फ बाबू (31) और सुलभ खंडेलवाल उर्फ छोटा बाबू (26) ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करते मिले।
पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी मोबाइल और दस्तावेज नष्ट करने की कोशिश कर रहे थे। मौके से 10 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी तीन अलग-अलग तरीकों से आईपीएल क्रिकेट मैचों में सट्टा संचालित कर रहे थे।