पीड़ित किसान ने पुलिस को बताया कि 7 मई 2026 को उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मन्नत वर्मा बताया और कहा कि उनकी इंश्योरेंस पॉलिसी बंद हो गई है। अगर वे दो किस्त जमा कर देंगे तो उन्हें करीब 3 लाख 2 हजार रुपए वापस मिल जाएंगे।
आरोपी ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और फोटो व्हाट्सएप पर भेजने को कहा। यह पॉलिसी 2022 में शुरू करवाई थी। चार साल बद ठगों ने कॉल किया था।
अलग-अलग लोगों ने मंगवाए पैसे
पीड़ित ने बताया कि इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने खुद को विजय श्रीवास्तव बताते हुए बैंक खाता नंबर भेजा और पहली किस्त के रूप में 30 हजार रुपए जमा करने के लिए कहा। हेमंत साहू आरोपियों की बातों में आ गए और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की नगपुरा शाखा में जाकर बताए गए खाते में रकम जमा कर दी।
कुछ देर बाद फिर कॉल आया और कहा गया कि एजेंट पर पेनाल्टी लगी है। पैसा रिलीज करने के लिए सरकार को टैक्स देना पड़ेगा। इसके लिए 1 लाख 8 हजार रुपए जमा कराने को कहा गया। पीड़ित ने 15 मई को यह रकम भी जमा कर दी।
इसके बाद 18 मई को एक और कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को जगदीश सिंह ठाकुर बताया। उसने कहा कि उनके खाते में 9 लाख रुपए आने वाले हैं, लेकिन 25 प्रतिशत टैक्स के रूप में 2 लाख 52 हजार रुपए और जमा करने होंगे। लालच और भरोसे में आकर हेमंत साहू ने यह रकम भी बैंक खाते में जमा कर दी।
ठगी का एहसास हुआ तो पहुंचे पुलिस के पास
जब लगातार रकम जमा करने के बाद भी कोई पैसा वापस नहीं मिला, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने चौकी लिटिया सेमरिया पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है।