छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में इंडस्ट्रियल डीजल महंगा होने के बाद औद्योगिक इकाइयों और कंस्ट्रक्शन कंपनियों ने नया तरीका अपनाना शुरू कर दिया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बिलासपुर में इंडस्ट्रियल डीजल महंगा होने के बाद औद्योगिक इकाइयों और कंस्ट्रक्शन कंपनियों ने नया तरीका अपनाना शुरू कर दिया है। अपने उद्योगों और वाहनों के लिए तय विशेष ‘कंज्यूमर पेट्रोल पंप’ से डीजल लेना बंद या कम कर अब कंपनियां आम रिटेल पेट्रोल पंपों से डीजल खरीद रही हैं।

इसका असर जिले के सामान्य पेट्रोल पंपों पर साफ दिखने लगा है। डीजल की मांग अचानक बढ़ने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि डीजल की कमी के कारण जिले में 125 बसों का संचालन बंद हो गया है। वहीं, माल ढुलाई और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है।

मामले की जानकारी सामने आने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले की 5 बड़ी कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर ने साफ कहा है कि 3 दिनों के अंदर स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर संबंधित कंपनियों के कंज्यूमर पंप का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा

बल्क डीजल 160 रुपए लीटर के पार

दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का असर अब औद्योगिक डीजल पर भी दिखाई देने लगा है। उद्योगों को मिलने वाला बल्क डीजल 160 रुपए प्रति लीटर से अधिक तक पहुंच गया है, जबकि सामान्य पेट्रोल पंपों पर रिटेल डीजल करीब 100 रुपए प्रति लीटर में बिक रहा है।

दोनों कीमतों में 60 रुपए से अधिक के अंतर के चलते कई कंपनियां अब सीधे तेल कंपनियों से बल्क डीजल लेने के बजाय सामान्य पेट्रोल पंपों से डीजल खरीद रही हैं।

किस फर्म ने क्या गड़बड़ी की ?

खाद्य विभाग की साल 2026 की समीक्षा रिपोर्ट में जिन फर्मों को नोटिस जारी किया गया है, उनके डीजल उठाव के आंकड़े चौंकाने वाले सामने आए हैं।

पिछले साल जिन औद्योगिक इकाइयों में डीजल की मांग और खपत अधिक थी, वहां कीमत बढ़ने के बाद अचानक डीजल उठाव काफी कम हो गया।

यानी इन कंपनियों में डीजल की खपत कम हो गई है, लेकिन ऐसा संभव नहीं है।