दुर्ग जिले में इन दिनों राज्य सरकार का सुशासन तिहार चल रहा है। इसका मकसद लोगों की समस्याएं सुनकर उनका जल्दी समाधान करना है। लेकिन शुक्रवार को थनौद गांव में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में जमकर विवाद हो गया।
समस्याओं को लेकर भाजपा कार्यकर्ता और जनपद CEO के बीच तीखी बहस हो गई। इस दौरान दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर मौजूद रहे, लेकिन वो चुपचाप खड़े होकर केवल आवेदन को देखते रहे। अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल, थनौद गांव में सुशासन तिहार के तहत लोगों की शिकायतें सुनी जा रही थीं। भाजपा कार्यकर्ता अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान शिकायत का निराकरण नहीं करने को लेकर जनपद CEO से बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और माहौल गर्म हो गया।
सीईओ ने कहा- जो करना है कर ले
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि बहस के दौरान जनपद CEO अपना आपा खो बैठे। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ता को उंगली दिखाते हुए कहा कि, “तेरे को जो करना है कर ले”। यह पूरा विवाद दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर के सामने हुआ।
वीडियो में विधायक चुपचाप खड़े दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने विवाद के दौरान कोई हस्तक्षेप नहीं किया। इसे लेकर अब सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
विधायक ने बीच-बचाव तक नहीं किया
वायरल वीडियो के बाद विधायक ललित चंद्राकर के व्यवहार की भी चर्चा हो रही है। विधायक के सामने ही बीजेपी कार्यकर्ता को सीईओ ने खूब फटकार लगाई। लेकिन विधायक ने कुछ नहीं कहा। यहां तक की दोनों के बीच बढ़ रही बहस को भी रोकने की कोशिश नहीं कीई।
सोशल मीडिया पर कुछ लोग अधिकारी के रवैये को गलत बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कई यूजर्स ने प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।