छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में न्यू ईयर सेलिब्रेशन के बहाने भोज और प्रार्थना सभा कर धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बिलासपुर में न्यू ईयर सेलिब्रेशन के बहाने भोज और प्रार्थना सभा कर धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है। हिंदूवादी संगठन के लोगों ने पास्टर का शपथ दिलाते हुए वीडियो भी बनाया है, जिसमें वो प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों को साल 2026 में बपतिस्मा (ईसाई धर्म में प्रवेश का प्रतीक) लेने की शपथ दिला रहे हैं।

घटना पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने पास्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हिंदू संगठन के लोगों का कहना है कि प्रार्थना सभा की आड़ में महिलाओं और पुरुषों को स्वास्थ्य सुविधाएं, भोजन और अन्य लाभ देने का लालच देकर धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

पास्टर ने अपने घर में किया था आयोजन

ग्राम जोंधरा निवासी सुखनंदन लहरे ईसाई धर्म को मानता है। उस पर आरोप है कि पास्टर बनकर गांव के भोले-भाले लोगों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का प्रयास कर रहा था। न्यू ईयर पर वह अपने घर में भोज और प्रार्थना सभा आयोजित किया था, जिसमें बड़ी संख्या में महिला, पुरूष और युवाओं को बुलाया था।

प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण

गांव में प्रार्थना सभा आयोजित होने की जानकारी मिलने पर कुछ स्थानीय युवक भी वहां पहुंच गए। उन्होंने भोज से पहले आयोजित प्रार्थना सभा के दौरान खिड़की की आड़ में चुपके से वीडियो बनाया, जिसमें सुखनंदन लहरे लोगों को प्रभु ईशु को मानने और 2026 में बपतिस्मा लेने की शपथ दिलाता दिख रहा है।

वीडियो भेजकर हिंदूवादी संगठन के लोगों को बुलाया

स्थानीय युवकों ने इस वीडियो को हिंदूवादी संगठन के लोगों को भेजा, जिसके बाद स्थानीय युवक और हिंदू संगठन के लोग वहां पहुंच गए। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को बुलाया और धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया।

उनका कहना है कि न्यू ईयर भोज की आड़ में लोगों को एकत्र किया गया था। प्रार्थना सभा की आड़ में महिलाओं और पुरुषों को स्वास्थ्य सुविधाएं, भोजन और अन्य लाभ देने का लालच देकर धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

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