
सतनामी समाज के अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद कोसले ने कहा कि 10 जनवरी की सुबह करीब 7:30 बजे एक युवक अपनी मां के साथ पहुंचा था। रोजाना की तरह सामूहिक आरती हो रही थी, इसी दौरान उसने गेट पर लात मारी और लोहे का रॉड लेकर समाज के लोगों को धमकाने लगा।
बताया जा रहा है कि गाली-गलौज करते हुए युवक जैतखाम को नुकसान पहुंचाने के नियत से आगे बढ़ रहा था, जिसे लोगों ने रोका। मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है। समाज के सदस्यों ने कार्रवाई की मांग की है।
रोजाना चलाया जाता है छोटा साउंड बॉक्स, एसडीएम से अनुमति
चंद्रिका प्रसाद कोसले के मुताबिक, जय स्तंभ जैतखाम की स्थापना लगभग 30 साल पहले नगरवासियों ने मिलकर की थी। हर साल 18 दिसंबर से 31 दिसंबर तक गुरु घासीदास जयंती का आयोजन भी इसी परिसर में होता है।
रोजाना सामाजिक आरती में एक छोटा बॉक्स चलाया जाता है, जिसके लिए एसडीएम से विधिवत अनुमति ली गई है। आरती में किसी बड़े लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि छोटे साउंड बॉक्स से सीमित दूरी तक ही आवाज जाती है।
मुख्य गेट को लात मारते हुए आया अंदर
10 जनवरी सुबह 7 से 7.30 बजे के बीच जब समाज के लोग आरती कर रहे थे, उसी वक्त युवक ने गुरुद्वारा परिसर के मुख्य गेट को लात मारते हुए अंदर प्रवेश किया और रॉड लहराकर जय स्तंभ को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।
उसने समाज के लोगों को गंदी-गंदी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। उसके साथ आई उसकी मां ने भी कथित तौर पर समाज के लोगों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
समाज के लोगों ने समझाया, माफी मांगने दिया था दो दिन का वक्त
चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि उन्होंने स्थिति को शांत करने का प्रयास करते हुए अजय से कहा कि यदि आरती से किसी को परेशानी थी तो प्रेमपूर्वक पहले ही बताया जा सकता था, लेकिन हथियार लेकर आना और हमला करने की मंशा रखना निंदनीय है।
उनका कहना है कि आरोपी की भाषा और व्यवहार से सतनामी समाज के प्रति घृणा और अपमान का भाव स्पष्ट झलक रहा था। फिर भी समाज की ओर से उसे और उसकी मां को समाज के लोगों से माफी मांगने के लिए दो दिनों का वक्त दिया गया था, लेकिन उन्होंने समाज से माफी नहीं मांगी।
आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
जैतखाम गुरुद्वारा के भंडारी लक्ष्मण गेंड्रे ने बताया कि यहां पिछले 30 सालों से नियमित रूप से सुबह-शाम आरती और भजन-कीर्तन होता आ रहा है। घटना के दिन भी आरती के दौरान आरोपी रॉड लेकर आया, गाली-गलौज की और दरवाजा लात मारकर अंदर घुस गया।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। सतनाम समाज के महासचिव राजकुमार मारकंडेय ने कहा कि पूजा-पाठ में बाधा डालना और धार्मिक स्थल पर हमला करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने सभी धर्मों के लिए समान सम्मान और न्याय की मांग की।
एसएसपी ने समाज के लोगों को दिया कड़ी कार्रवाई का भरोसा
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले में दुर्ग एसएसपी ने भी काफी मदद की और समाज के लोगों को कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं इस मामले में थाना पुरानी भिलाई में सतनामी समाज की ओर से शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज किया गया है।
सीएसपी छावनी प्रशांत पैकरा ने बताया कि शिकायत के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। मामले में आरोपी युवक और एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा विवेचना जारी है।