अंबिकापुर से लगे श्रीगढ़ में पुआल में नए साल की रात ठंड से एक बुजुर्ग की मौत

Chhattisgarh Crimesअंबिकापुर से लगे श्रीगढ़ में पुआल में नए साल की रात ठंड से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। उत्तर छत्तीसगढ़ में भले ही कड़ाके की ठंड में ब्रेक लग गया है, लेकिन 1 जनवरी को मैदानी इलाके का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री था।

बता दें संभाग में ठंड से मौत का यह दूसरा मामला है, इससे पहले 11 दिसंबर की रात अंबिकापुर बस स्टैंड में खुले में सोए एक व्यक्ति की ठंड से मौत हो गई। उस समय भी तापमान 5 डिग्री था। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 4 जनवरी के बाद हल्की बारिश के छीटे भी पड़ सकते है।

सरगुजा संभाग में ठंड से राहत

सरगुजा संभाग में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बने सिस्टम के कारण शीतलहर का प्रभाव कम हो गया है। इसके कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है।

दिसंबर के अंतिम सप्ताह में रिकार्ड ठंड के बाद जनवरी महीने की शुरुआत में थोड़ी राहत मिली है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण उत्तर छत्तीसगढ़ में बादल छाने लगे हैं।

इसके कारण उत्तरी सर्द हवाओं का प्रवेश रुक गया है। गुरुवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री दर्ज किया गया था।

वहीं शुक्रवार को न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई और न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री दर्ज किया गया है। पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री दर्ज किया गया है।

ठंड से मौत, अकड़ा हुआ मिला शव

अंबिकापुर से लगे श्रीगढ़ में पुआल में गुरुवार (1 जनवरी 2026) को एक वृद्ध व्यक्ति मृत अवस्था में मिला है। उसका शव अकड़ा हुआ मिला है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में वृद्ध की मौत ठंड लगने से होने की पुष्टि हुई है। वृद्ध की पहचान नहीं हो सकी है। उसके पास से एक बस का टिकट भी मिला है।

आशंका है कि वह कहीं बाहर से आया था। गुरुवार को मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान करीब 5 डिग्री दर्ज किया गया था। कम कपड़ों में खुले में सो जाने से वृद्ध की हाइपोथर्मिया की चपेट में आने से मौत हो गई।

छाए रहेंगे बादल, छा सकता है कोहरा

मौसम विभाग के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक उत्तर छत्तीसगढ़ में बादल छाए रहेंगे। 4 जनवरी को छिटपुट बारिश का भी पूर्वानुमान है। इसके कारण आगामी तीन से चार दिनों तक कड़ाके की ठंड से राहत मिलेगी। इसके बाद फिर से ठंड की वापसी हो सकती है।

मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर छत्तीसगढ़ में बादल छाए हुए हैं। बादलों ने शीतलहरों को रोक दिया है। चार दिनों बाद बादल छंट सकते हैं। इसके बाद ठंड की फिर से वापसी होगी।

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