राजधानी समेत राज्यभर के राशन कार्ड वालों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई

Chhattisgarh Crimesराजधानी समेत राज्यभर के राशन कार्ड वालों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है। अभी सत्यापन के दौरान किसी भी राशन कार्ड में एक सदस्य का नाम भी कटा है तो उस पूरे राशन कार्ड में राशन नहीं मिल रहा है। अभी तक 12 लाख से ज्यादा लोगों का राशन रोक दिया गया है। इसकी शिकायत खाद्य संचालनालय तक पहुंच गई है। खाद्य विभाग के अफसर बार-बार दावा करते हैं कि किसी भी राशन कार्ड वालों का राशन नहीं रोकना है। इसके बावजूद ऑनलाइन उन्हें राशन का आवंटन नहीं हो रहा है। अब अफसरों का कहना है कि बार-बार केवाईसी कराने की अपील के बावजूद लोग सत्यापन नहीं करवा रहे थे। इस वजह से अब यह सख्ती की जा रही है।

राजधानी में भी ऐसे लोगों की कमी नहीं है। जिले में अभी तक 15 हजार से ज्यादा लोगों का राशन रोक दिया गया है। राशन नहीं मिलने की शिकायत लेकर लोग रोज खाद्य विभाग के दफ्तर भी आ रहे हैं। अफसर उन्हें केवाईसी कराने की समझाइश देकर वापस लौटा रहे हैं। सभी लोगों से कहा जा रहा है कि उन्हें जिस राशन दुकान से राशन मिलता है उन्हीं दुकानों में जाकर वे अपना सत्यापन करवा सकते हैं। इसके अलावा लोग घर बैठे भी ई-केवाईसी करवा सकते हैं। इसके लिए मोबाइल पर ‘मेरा ई-केवाईसी’ एप डाउनलोड कर सकते हैं। एप में बताए निर्देशों के अनुसार केवाईसी हो जाएगी।

गौरतलब है कि राज्यभर में 82.18 लाख राशन कार्डों में राशन बांटा जा रहा है। इन कार्डों में 2.73 करोड़ लोगों के नाम हैं। अभी तक 2.30 करोड़ लोगों की ई-केवाईसी कंप्लीट हो चुकी है। 43 लाख लोगों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है।

ऐसा इसलिए… राज्य में सभी सदस्यों का E-KYC अनिवार्य है, और न होने पर राशन रुक जाता है। यदि कोई सदस्य किसी और कारण से अपात्र हो गया, तो सिस्टम पूरे परिवार को रोक सकता है। आधार या अन्य जानकारी में अंतर होने पर भी यह समस्या आती है।

ई-पॉस मशीन बार-बार हो रही खराब दूसरी ओर, राशन दुकानदारों का कहना है कि दुकानों में जो नई ई-पॉस मशीन दी गई है वो ठीक तरीके से काम नहीं कर रही है। बार-बार मशीन खराब हो रही है। एनआईसी वालों से शिकायत करने पर वे एक-दो दिन बाद ही मशीन बनाने वालों को भेजते हैं। इस वजह से राशन बांटने में भी परेशानी हो रही है। दुकानदारों का कहना है कि इससे बेहतर पुरानी मशीन काम करती थी, पर जबरदस्ती उसे बदलकर नई मशीन दे दी गई है। कई बार मशीन का ब्लूटूथ काम नहीं करता है। इस वजह से चावल और शक्कर तौलने में भी दुकानदार परेशान हो जाते हैं। लोगों को भी कई देर तक लाइन में खड़े रहना पड़ता है।

Exit mobile version